Bargi Dam Cruise Accident: न्यायिक जांच तेज, पर्यटन विभाग के अधिकारियों को नोटिस, प्रत्यक्षदर्शी के गंभीर आरोप

Judicial Inquiry Bargi Accident: क्रूज हादसे की न्यायिक जांच तेज हो गई है। जांच आयोग ने पर्यटन विभाग के अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। प्रत्यक्षदर्शी नीरज मिश्रा ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
Jabalpur Cruise Accident
हादसे का प्रत्यक्षदर्शी (फोटो सोर्स- नवभारत)
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Jabalpur Cruise Accident: जबलपुर स्थित बरगी बांध में हुए चर्चित क्रूज हादसे की न्यायिक जांच अब तेज हो गई है। जांच आयोग ने मामले में पर्यटन विभाग के अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। आयोग हादसे के कारणों और राहत-बचाव कार्यों में हुई संभावित लापरवाही की विस्तृत पड़ताल कर रहा है।

हादसे के प्रत्यक्षदर्शी और बचाव कार्य में शामिल रहे बरगी निवासी नीरज मिश्रा ने जांच आयोग के समक्ष गंभीर लापरवाही के आरोपों से जुड़े सबूत पेश किए हैं। उन्होंने आयोग को 14 बिंदुओं पर आधारित विस्तृत शिकायत के साथ एक पेन ड्राइव भी सौंपी है, जिसमें कथित तौर पर हादसे के बाद की व्यवस्थाओं से जुड़े वीडियो और अन्य साक्ष्य मौजूद हैं।

एंबुलेंस में मौजूद नहीं था मेडिकल स्टाफ

नीरज मिश्रा का दावा है कि क्रूज हादसे के बाद मौके पर पहुंची 108 एंबुलेंस में चालक के अलावा कोई मेडिकल स्टाफ मौजूद नहीं था। उनका आरोप है कि मेडिकल स्टाफ की अनुपस्थिति के कारण घायलों को समय पर प्राथमिक उपचार नहीं मिल सका। इस संबंध में एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एंबुलेंस में मेडिकल कर्मियों की गैरमौजूदगी दिखाई देने का दावा किया जा रहा है।

कुछ लोगों के जीवित होने की थी संभावना

मिश्रा ने आयोग को बताया कि क्रूज डूबने के बाद कई लोगों को पानी से बाहर निकाला गया था, जिनमें कुछ लोगों के जीवित होने की संभावना थी। लेकिन मौके पर न तो कोई अटेंडर मौजूद था और न ही प्राथमिक उपचार देने वाला प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ, जिससे राहत कार्य प्रभावित हुआ।

क्रूज हादसे में 13 लोगों की हुई थी मौत

गौरतलब है कि 30 अप्रैल की शाम बरगी बांध में 41 यात्रियों को लेकर निकला एक क्रूज अचानक पानी में डूब गया था। इस दर्दनाक हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए थे।

60 दिनों के अंदर राज्य सरकार को सौंपनी है रिपोर्ट

न्यायिक जांच आयोग को घटना की जांच पूरी कर 60 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपनी है। आयोग अब प्रत्यक्षदर्शियों, संबंधित विभागों और बचाव कार्य से जुड़े अधिकारियों के बयान दर्ज कर मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रहा है।

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