Pregnancy Food Cravings: जब कोई महिला गर्भवती होती है, तो उसका मन अजी-अजीब चीजें खाने के लिए ललकता है। प्रेग्नेंसी के दौरान अचानक अचार, इमली, खट्टी चीजें, मीठा, आइसक्रीम, तीखा-नमकीन या चॉक-मिट्टी खाने का बहुत ज्यादा मन करता है। यह बहुत आम बात है।
कई महिलाओं को ऐसी चीजें खाने की इच्छा होती है, जो उन्हें प्रेग्नेंसी से पहले बिल्कुल पसंद नहीं थीं। इसे प्रेग्नेंसी क्रेविंग कहते हैं। UNICEF का मानना है कि क्रेविंग पहली तिमाही में ही शुरू होती है और करीब 10 में से 9 गर्भवती महिलाओं को किसी न किसी तरह की क्रेविंग होती है।
शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव इसकी एक बड़ी वजह हैं। प्रेग्नेंसी में हार्मोनल बदलाव स्वाद और सूंघने की क्षमता से लेकर मूड तक को प्रभावित करते हैं। यही वजह है कि कुछ खाने की चीजों की खुशबू पहले से ज्यादा तेज महसूस होती है और कई बार अचानक वही चीज खाने का मन करने लगता है। कई लोगों को यह तेज गंध पसंद नहीं आती है और उन्हें उल्टी की समस्या होने लगती है।
इसके अलावा प्रेग्नेंसी में शरीर की पोषण संबंधी जरूरतें भी बदलती हैं। आयरन, कैल्शियम, जिंक और आयोडीन जैसे पोषक तत्वों की जरूरत बढ़ जाती है। अचार या चॉकलेट खाने की इच्छा का मतलब जरूरी नहीं कि किसी पोषक तत्व की कमी है।
कच्चा आम, इमली, अचार और दूसरी खट्टी चीजें प्रेग्नेंसी में काफी आम क्रेविंग होती है। खासकर जब मतली या उल्टी की समस्या हो, तो कुछ महिलाओं को खट्टे या हल्के स्वाद वाले खाद्य पदार्थ ज्यादा अच्छे लगते हैं।
कुछ महिलाओं को आइसक्रीम, ठंडी चीजें, मिठाई या चॉकलेट खाने की इच्छा होती है, जबकि कुछ को चिप्स, नमकीन और दूसरी नमकीन चीजें पसंद आने लगती हैं। प्रेग्नेंसी क्रेविंग हर महिला में अलग हो सकती है और इसका संबंध स्वाद, गंध, हार्मोन, इमोशन और खान-पान से भी हो सकता है।
अगर प्रेग्नेंसी में किसी महिला को मिट्टी, चॉक, साबुन या दूसरी नॉन एडिबल चीजें खाने की इच्छा हो रही है, तो इसे नॉर्मल क्रेविंग न समझें। इसे पीका (Pica) कहा जाता है। ऐसी हालत में महिला के शरीर में आयरन की कमी हो सकती है। इसके लिए डॉक्टर से सलाह लें।
अपनी मनपसंद चीज थोड़ी मात्रा में खाना सही है, लेकिन यदि आप क्रेविंग के नाम पर इसकी अधिक मात्रा कंज्यूम करते हैं, तो इससे आपकी डाइट का बैलेंस बिगड़ सकता है। बहुत ज्यादा मीठा, नमकीन या तला हुआ खाना खाने से ब्लोटिंग की समस्या हो सकती है। इसलिए फल, दही, दूध, साबुत अनाज, हर तरह की दाल, सब्जियां, नट्स और पर्याप्त प्रोटीन जैसे पौष्टिक आहार को अपने खाने में शामिल करें।