समुद्री सीमा की सुरक्षा करता भारतीय तटरक्षक बल (सौ. एआई) 
लाइफस्टाइल

Coast Guard Day History: महज 49 साल में कैसे भारत का सुरक्षा कवच बनी यह फोर्स? जानें शौर्य का पूरा सफरनामा

Indian Coast Guard Day: जब पूरा देश चैन की नींद सोता है तब समुद्र की खारी लहरों और तूफानों के बीच कुछ आंखें जाग रही होती हैं। वे न तो युद्ध का इंतजार करते हैं और न ही शांत बैठने का।

प्रीति शर्मा

History of Indian Coast Guard Day: 1 फरवरी का दिन भारतीय सामरिक इतिहास में एक विशेष स्थान रखता है। 1977 में एक छोटी सी अंतरिम इकाई के रूप में शुरू हुआ भारतीय तटरक्षक बल (ICG) आज अपनी स्थापना के 49वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। वयं रक्षाम: (हम रक्षा करते हैं) के आदर्श वाक्य के साथ यह बल भारत की 7,500 किमी से अधिक लंबी तटरेखा का निडर प्रहरी बना हुआ है।

भारतीय तटरक्षक बल की कहानी 1960 के दशक के उत्तरार्ध से शुरू होती है जब समुद्र के रास्ते होने वाली तस्करी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बन गई थी। तत्कालीन नागचौधरी समिति और बाद में रुस्तमजी समिति की सिफारिशों के आधार पर 1 फरवरी 1977 को एक अंतरिम बल का गठन किया गया। उस समय इस बल के पास केवल 7 पुराने जहाज थे जो भारतीय नौसेना और सीमा शुल्क विभाग से मिले थे। 18 अगस्त 1978 को संसद द्वारा तटरक्षक अधिनियम पारित होने के बाद इसे रक्षा मंत्रालय के तहत एक स्वतंत्र सशस्त्र बल का दर्जा मिला।

26/11 मुंबई हमला

इंडियन कोस्ट गार्ड के इतिहास में 26 नवंबर 2008 का मुंबई आतंकी हमला सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ। आतंकी समुद्र के रास्ते भारतीय सीमा में दाखिल हुए थे जिसने तटीय सुरक्षा की खामियों को उजागर किया। इस घटना के बाद केंद्र सरकार ने समुद्री सुरक्षा का ओवरहॉल किया। कोस्ट गार्ड को न केवल अतिरिक्त शक्तियां दी गईं बल्कि उन्हें तटीय सुरक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी सौंपी गई। 2009 के बाद से कोस्ट गार्ड, भारतीय नौसेना और मरीन पुलिस के बीच समन्वय के लिए कोस्टल सर्विलांस नेटवर्क (CSN) खड़ा किया गया जिसमें रडार स्टेशन और ऑप्टिकल सेंसर लगाए गए।

दुनिया की चौथी सबसे बड़ी कोस्ट गार्ड फोर्स

49 सालों के इस सफर में ICG ने तकनीक और शक्ति दोनों में जबरदस्त विस्तार किया है।

भारतीय तटरक्षक दिवस (सौ. फ्रीपिक)

अत्याधुनिक बेड़ा: आज इसके पास 150 से अधिक जहाज (OPV, पॉल्यूशन कंट्रोल वेसल, इंटरसेप्टर बोट) और 75 से ज्यादा विमान (डोर्नियर और ध्रुव हेलीकॉप्टर) मौजूद हैं।

2030 का लक्ष्य: भारत सरकार की योजना 2030 तक इस बेड़े को 200 जहाजों और 100 विमानों तक पहुंचाने की है।

ग्लोबल रीच: यह बल न केवल तस्करी रोकता है बल्कि दक्षिण-पूर्व एशिया से लेकर अफ्रीका के तटों तक समुद्री डकैती के खिलाफ अभियान चलाता है।

सिर्फ रक्षक ही नहीं संकटमोचक

कोस्ट गार्ड का काम केवल दुश्मन को रोकना नहीं है। स्थापना से लेकर अब तक इस बल ने 11,000 से अधिक लोगों की जान बचाई है। चक्रवात के समय समुद्र में फंसे मछुआरों को निकालना हो या किसी मालवाहक जहाज में लगी आग बुझाना, तटरक्षक हमेशा अग्रिम पंक्ति में रहते हैं। इसके अलावा समुद्र में तेल रिसाव जैसी पर्यावरणीय आपदाओं को रोकना भी इनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है।

नीला समंदर और सुरक्षित भारत

आज भारत का 2.01 लाख वर्ग किलोमीटर का अनन्य आर्थिक क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित है तो इसका श्रेय इन तटरक्षकों को जाता है। 26/11 जैसी त्रासदी दोबारा न हो इसके लिए आईसीजी आज अदृश्य जाल की तरह पहरा दे रहा है। 49 साल पहले 7 जहाजों से शुरू हुआ यह शौर्य का सफरनामा आज आत्मनिर्भर भारत की समुद्री शक्ति का प्रतीक बन चुका है।

Shakuntala Devi: बिना कैलकुलेटर पलक झपकते करती थीं बड़ी गणनाएं, जानिए कैसे बनीं मानव कंप्यूटर

भारत-पाक सीमा के पास बड़ी साजिश नाकाम, श्रीगंगानगर में ट्रेन को उड़ाने की थी कोशिश, जांच में जुटी पुलिस

Explainer: कब-कब विवादों में घिरे धीरेंद्र शास्त्री? 10 बयानों पर हुआ विरोध, कई बार मांगनी पड़ी माफी

Diwali Trains: मुंबई-नागपुर के बीच 12 और स्पेशल ट्रेनें चलेंगी, 4 नवंबर से शुरू होगी बुकिंग; जानिए शेड्यूल

राहुल ने PM मोदी को दी खुली चुनौती: बोले- डरिए मत, मंच पर आमने-सामने बैठिए; राजनाथ-समेत 4 नेताओं से की अपील