Valentine's Week History: वैलेंटाइन डे से पहले क्यों आते हैं ये 7 दिन? हर दिन के पीछे छिपा है एक गहरा राज!

Valentine's Day History: वैलेंटाइन वीक हर साल 7 फरवरी से 14 फरवरी तक मनाया जाता है। हर कोई इस वीक अपने प्यार और रिश्ते को स्पेशल बनाने के लिए तरह-तरह की चीजें करता है।
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वैलेंडाइट मनाते हुए प्रतीकात्मत तस्वीर (सौ. एआई)
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History of Valentine's Week: हर साल 7 फरवरी से लेकर 14 फरवरी तक दुनिया भर में वैलेंटाइन वीक बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि प्यार के इजहार के लिए पूरे सात दिनों का ही समय क्यों चुना गया। इसके पीछे केवल आधुनिक मार्केटिंग नहीं बल्कि सदियों पुरानी परंपराएं और संत वैलेंटाइन का बलिदान छिपा है।

संत वैलेंटाइन का बलिदान

वैलेंटाइन डे की जड़ें प्राचीन रोम में छिपी हैं। तीसरी शताब्दी में रोम के राजा क्लॉडियस द्वितीय का मानना था कि कुंवारे सैनिक शादीशुदा सैनिकों की तुलना में बेहतर लड़ते हैं इसलिए उसने सैनिकों की शादी पर पाबंदी लगा दी थी। संत वैलेंटाइन ने इस अन्याय का विरोध किया और गुप्त रूप से सैनिकों की शादियां करवाईं। जब राजा को यह पता चला तो उसने वैलेंटाइन को जेल में डाल दिया और 14 फरवरी को फांसी की सजा सुना दी। जेल में रहते हुए उन्होंने जेलर की अंधी बेटी को ठीक किया और अपनी मौत से पहले उसे एक पत्र लिखा जिस पर अंत में लिखा था तुम्हारा वैलेंटाइन।

7 दिनों का मनोविज्ञान

वैलेंटाइन वीक के सात दिन सीधे तौर पर मानव मनोविज्ञान और किसी रिश्ते के विकसित होने के चरणों को दर्शाते हैं। इसे एक भावनात्मक सीढ़ी की तरह देखा जाता है।

रोज डे (7 फरवरी)

यह दोस्ती और आकर्षण का प्रतीक है। फूल देकर यह बताया जाता है कि कोई आपकी जिंदगी में जगह बनाना चाहता है।

प्रपोज डे (8 फरवरी)

जब भावनाएं गहरी होती हैं तब उन्हें शब्दों में ढालने का समय आता है।

चॉकलेट डे (9 फरवरी)

रिश्तों में मिठास घोलने के लिए चॉकलेट दी जाती है जो वैज्ञानिक रूप से भी फील-गुड हार्मोन बढ़ाती है।

टेडी डे (10 फरवरी)

यह मासूमियत और सुरक्षा के अहसास का प्रतीक माना जाता है।

प्रॉमिस डे (11 फरवरी)

किसी भी रिश्ते की नींव वादे पर टिकी होती है यह दिन उसी प्रतिबद्धता को समर्पित है।

हग डे (12 फरवरी)

यह स्पर्श की शक्ति से विश्वास और सुकून पैदा करने का दिन।

किस डे (13 फरवरी)

यह शारीरिक और आत्मिक जुड़ाव की पवित्रता को दर्शाता है।

लुपरकालिया उत्सव और आधुनिक बदलाव

कुछ इतिहासकारों का मानना है कि वैलेंटाइन डे प्राचीन रोमन उत्सव लुपरकालिया का ईसाई स्वरूप है जो प्रजनन क्षमता के लिए मनाया जाता था। 5वीं शताब्दी के अंत में पोप गेलैसियस ने 14 फरवरी को आधिकारिक तौर पर संत वैलेंटाइन डे घोषित किया। धीरे-धीरे मध्य काल में कवि चौसर और शेक्सपियर ने अपनी कविताओं के जरिए इसे प्यार के त्योहार के रूप में पूरी दुनिया में लोकप्रिय बना दिया।

आज के समय में यह हफ्ता व्यापारिक रूप ले चुका है लेकिन इसके मूल में आज भी संत वैलेंटाइन का वह संदेश है कि दुनिया में प्रेम से बड़ी कोई शक्ति नहीं है।

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