मणिशंकर अय्यर (सोर्स- सोशल मीडिया) 
देश

'हार जाएगी भाजपा', मणिशंकर अय्यर ने 'INDIA' को दिया जीत का नया मंत्र, बोले- हिंदुत्व की राजनीति..!

Indian Politics: मणिशंकर अय्यर ने अपने नए बयान में कहा है कि ज्यादातर हिंदुओं ने हिंदुत्व की राजनीति को धर्म या जीवनशैली से नहीं जोड़ा है और यही 'इंडिया' गठबंधन के लिए उम्मीद की किरण है।

अभिषेक सिंह

Mani Shankar Aiyar: वरिष्ठ कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने बुधवार को भारत गठबंधन के एकजुट होने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि अगर ''इंडिया' गठबंधन सही रणनीति के साथ एकजुट होकर काम करे, तो देश में तेजी से गिरते लोकतंत्र के स्तर को रोका जा सकता है और चुनावों में भाजपा को हराया जा सकता है।

मणिशंकर अय्यर मंगलवार को जवाहर भवन में वरिष्ठ पत्रकार और लेखक प्रेम शंकर झा की नई किताब 'द डिसमेंटलिंग ऑफ इंडियाज डेमोक्रेसी 1947 टू 2025' के विमोचन के मौके पर बोल रहे थे। बता दें कि इंडियन नेशनल डेवलपमेंट इन्क्लूसिव अलायंस (INDIA) का गठन 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले हुआ था।

3 चुनावों में मिला एक तिहाई वोट

कांग्रेस नेता ने कहा कि 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा को कुल पड़े वोटों का सिर्फ एक-तिहाई ही मिला है। यानी दो-तिहाई भारतीयों ने भाजपा को वोट नहीं दिया। उन्होंने कहा कि इसका मतलब यह भी है कि ज्यादातर हिंदुओं ने हिंदुत्व की राजनीति को धर्म या जीवनशैली से नहीं जोड़ा है और यही 'इंडिया' गठबंधन के लिए उम्मीद की किरण है। इसका उद्देश्य सभी विपक्षी दलों को भाजपा के विरुद्ध एक मंच पर लाना है।

'गठबंधन में आंतरिक मतभेद हैं'

हालांकि, अय्यर ने स्वीकार किया कि गठबंधन में अभी भी कई आंतरिक मतभेद हैं, जो गैर-भाजपाई वोटों को विभाजित कर सकते हैं, जैसा कि पिछले तीन आम चुनावों में हुआ है। उन्होंने कहा कि संकेत दोनों तरफ हैं, एक ओर जहां एकजुटता की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर आंतरिक खींचतान भी चिंता का विषय है।

BJP में आने लगीं हैं दरारें: अय्यर

इसके साथ ही, 84 वर्षीय अय्यर ने दावा किया कि भाजपा और उसके सहयोगी संगठनों के भीतर दरारें उभरने लगी हैं और विपक्ष को इसका फायदा उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर चुनावी राजनीति को सही ढंग से अपनाया जाए, तो लोकतंत्र के इस तेज पतन को, जिसे हम अपनी आँखों के सामने होते हुए देख रहे हैं, रोका जा सकता है।

आपको बता दें कि मणिशंकर अय्यर कई मौकों पर अपने बयानों से कांग्रेस के लिए मुश्किलें पैदा कर चुके हैं। 2017 के गुजरात चुनाव में जब माहौल कांग्रेस के पक्ष में दिखाई दे रहा था तभी पीएम मोदी के लिए अय्यर ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर दिया। जिसके बाद नतीजे पलट गए।

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