INDIA Bloc Protest at Jantar Mantar: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से आयोजित दोपहर के भोज के बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए जा रहे इंडिया गठबंधन के सांसदों और नेताओं को दिल्ली पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया। अशोक रोड पर शांगरी-ला होटल के पास बैरिकेडिंग कर रोके जाने के बाद विपक्षी नेताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
इसी दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पुलिस ने आगे बढ़ने से रोक दिया और बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया। वहीं, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कुछ महिला सांसद सड़क पर ही बैठ गईं और बाद में लेट गईं। उनके हाथों में संविधान की प्रतियां थीं।
प्रियंका गांधी ने पुलिस पर बदसलूकी और सांसदों के साथ मारपीट का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "ये हमारे साथ ऐसा बुरा बर्ताव कर रहे हैं। वे सांसदों को पीट रहे हैं। पुलिसवालों ने मुझे जगह-जगह खरोंच दिया है। उन्होंने हमें जमीन पर पटक दिया।"
उन्होंने कहा कि विपक्षी सांसद वहां से नहीं हटेंगे और पुलिस से अपनी फोर्स वापस बुलाने की मांग की। प्रियंका गांधी के साथ अन्य महिला सांसद भी सड़क पर लेट गईं।
विपक्षी सांसद तीन बसों में सवार होकर जंतर-मंतर के लिए निकले थे। वे निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करना चाहते थे। हालांकि, पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों ने अशोक रोड पर शांगरी-ला होटल के सामने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। इसके बाद सड़क पर ही विपक्षी सांसदों और पुलिस के बीच बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।
प्रदर्शन से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से जनपथ स्थित सागर रत्ना रेस्तरां में दोपहर के भोज का आयोजन किया गया था। इसमें कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और वाम दलों के सांसदों समेत विपक्षी नेताओं ने हिस्सा लिया।
समाजवादी पार्टी का कोई प्रतिनिधि भोज में शामिल नहीं हुआ। इस पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सफाई देते हुए कहा कि भोज का फैसला मंगलवार देर रात लिया गया था और उसी समय सभी दलों को इसकी जानकारी दी गई थी। उन्होंने कहा कि इसलिए कुछ दलों के प्रतिनिधियों का शामिल नहीं हो पाना स्वाभाविक है। जयराम रमेश ने एक्स पर कहा कि इंडिया गठबंधन और अन्य विपक्षी दल "वोट चोरी, SIR और परिसीमन" के खिलाफ एकजुट हैं।
लंच के बाद मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि इंडिया गठबंधन के सभी सहयोगी दल जंतर-मंतर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
खरगे ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग जो कुछ कर रहा है, उसके पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल मिलकर जनता को यह बताना चाहते हैं कि उसके अधिकार छीने जा रहे हैं।
खरगे ने कहा कि जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए विपक्षी नेताओं और सांसदों पर कितने भी मामले दर्ज किए जाएं, वे डरने या रुकने वाले नहीं हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष के करीब 300 सांसद बुधवार को निर्वाचन आयुक्तों से मिलना चाहते थे, लेकिन उन्हें मिलने का मौका नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि इसके बाद विपक्षी सांसदों ने जंतर-मंतर जाकर प्रदर्शन करने का फैसला किया।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी और ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना पड़ेगा।
विपक्षी सांसदों का जंतर-मंतर जाने का यह प्रयास मंगलवार को हुए घटनाक्रम की अगली कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई और विपक्ष के आरोपों के बीच राजनीतिक टकराव और बढ़ गया है।