

Jantar Mantar Protest Section 163 BNSS: दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आकाशवाणी भवन में INDIA ब्लॉक के सांसदों के विरोध प्रदर्शन के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
दिल्ली में मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA ब्लॉक के सांसदों के विरोध प्रदर्शन के बाद जंतर-मंतर रोड के आसपास के इलाके में BNSS की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। संभावना है कि बुधवार को भी कांग्रेस पार्टी के नेता प्रदर्शन कर सकते है।
दरअसल, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अगुवाई में इंडिया गठबंधन के सांसदों ने आकाशवाणी भवन परिसर में भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के दफ्तर से कुछ मीटर की दूरी पर धरना दिया। मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आकाशवाणी भवन में इंडिया ब्लॉक के सांसदों के विरोध-प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था, जिसके बाद उनको किंग्सवे कैंप स्थित न्यू पुलिस लाइन ले जाया गया था।
इंडिया गठबंधन के सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आकाशवाणी भवन पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, पवन खेड़ा और इमरान प्रतापगढ़ी आकाशवाणी भवन परिसर में एक पेड़ के नीचे बैठे दिखे।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि दिल्ली पुलिस को सोशल मीडिया से जानकारी मिली कि INDIA ब्लॉक के सांसद 6 अक्टूबर, 2026 को सुबह लगभग 10:30 बजे संसद भवन से भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के कार्यालय तक मार्च निकालेंगे। इस प्रस्तावित मार्च के लिए अनुमति मांगने वाली कोई भी अर्जी नई दिल्ली जिले के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) के कार्यालय में जमा नहीं की गई थी। इसलिए, इस मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई।
प्रस्तावित भीड़ और नई दिल्ली इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा के उल्लंघन की आशंका को देखते हुए, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, भीड़ की आवाजाही को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए गए थे।
मार्च सुबह लगभग 10:30 बजे शुरू हुआ। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की पहली बैरिकेडिंग को पार किया और नीति आयोग के पास लगाई गई दूसरी बैरिकेडिंग तक पहुंच गए। पुलिस ने बार-बार घोषणा करके प्रदर्शनकारियों को BNSS की धारा 163 के तहत लागू प्रतिबंधों के बारे में बताया और उनसे शांतिपूर्वक तितर-बितर होने की अपील की। इसके बावजूद, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के निर्देशों का पालन नहीं किया और वहीं डटे रहे।
विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग मुख्यालय (जो 300 मीटर दूर है) तक पहुंचने की कोशिश में संस्थान के गेट धकेलकर खोले थे। सूत्रों के अनुसार, आकाशवाणी भवन से एक पीसीआर कॉल की गई, जिसमें कहा गया कि राहुल गांधी जबरदस्ती परिसर में घुस आए।
मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा, "300 सांसदों को यहां रोका गया और उसके बाद उन्होंने हमें यहां बैठा दिया। चुनाव आयोग यहां से 50 गज की दूरी पर है। वे हमें वहां जाने नहीं दे रहे हैं। मुझे समझ नहीं आ रहा कि क्या समस्या है। चुनाव आयोग का काम ठीक से चुनाव कराना है। 300 सांसद ज्ञानेश कुमार से मिलना चाहते हैं और ज्ञानेश कुमार डरे हुए हैं। इसलिए मुझे नहीं पता कि देश में क्या हो रहा है। अगर प्रतिनिधि मिल नहीं सकते, तो लोकतंत्र का क्या मतलब है?"
राहुल गांधी ने कहा, "हमारे देश के साथ जो किया गया है उसे देशद्रोह कहा जाता है और कोई भी बचने वाला नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत और ज्ञानेश कुमार ने देश से लोकतंत्र खत्म कर दिया है। 'वोट चोरी' कर देश को हाईजैक कर लिया गया है। इनसे कोई नहीं बचेगा, सब पर कार्रवाई होगी।"
मीडिया से बात करते हुए पवन खेड़ा ने कहा, "चुनाव आयोग हमारे ठीक बगल में है और लोकसभा में विपक्ष के नेता को चुनाव आयोग जाने नहीं दिया जा रहा है, उन्हें रोक दिया गया।