भारत का LPG टैंकर, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
देश

Middle East War: महायुद्ध के बीच 'Green Sanvi' ने पार किया हॉर्मुज, ईरान ने LPG टैंकर को दिया सुरक्षित रास्ता

Indian LPG Tanker Green Sanvi: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच भारतीय एलपीजी टैंकर 'ग्रीन शान्वी' 46,650 टन गैस लेकर होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजर गया है।

अमन उपाध्याय

Indian LPG Tanker Green Sanvi Crosses Strait Of Hormuz Safely: पश्चिम एशिया में युद्ध की आग भड़क रही है, लेकिन भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा के मोर्चे पर एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील माने जाने वाले Strait of Hormuz से भारत का सातवां एलपीजी टैंकर 'ग्रीन शान्वी' सुरक्षित रूप से बाहर निकल गया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब इस समुद्री मार्ग पर दुनिया भर की निगाहें टिकी हुई हैं और वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

'ग्रीन शान्वी' की सफल यात्रा

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, भारतीय झंडे वाला एलपीजी टैंकर 'ग्रीन शान्वी' 3 अप्रैल 2026 की रात को इस संवेदनशील मार्ग से सुरक्षित रूप से गुजरा। इस जहाज में करीब 46,650 मीट्रिक टन एलपीजी कार्गो लदा हुआ है जो भारत की घरेलू ईंधन जरूरतों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। 'Green Sanvi' के इस सफल ट्रांजिट के बाद अब दो और भारतीय टैंकरों, 'ग्रीन आशा' और 'जग विक्रम' की भी सुरक्षित वापसी की योजना बनाई जा रही है जो जल्द ही होर्मुज पार कर भारत की ओर रवाना होंगे।

फारस की खाड़ी में भारतीय जहाजों की मौजूदगी

गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में युद्ध की शुरुआत के बाद से अब तक कुल सात भारतीय एलपीजी टैंकर इस मार्ग को सफलतापूर्वक पार कर चुके हैं। वर्तमान में फारस की खाड़ी में भारत के कुल 17 जहाज मौजूद हैं। इन जहाजों में तीन LPG टैंकर, चार कच्चे तेल के टैंकर, एक एलएनजी टैंकर और एक केमिकल प्रोडक्ट्स टैंकर शामिल हैं। इसके अतिरिक्त तीन कंटेनर शिप, दो बल्क कैरियर और दो जहाज नियमित मरम्मत के लिए वहां तैनात हैं। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इस मार्ग पर बहुत हद तक निर्भर है।

भारत की सफल कूटनीति का असर

जहाजों की यह सुरक्षित आवाजाही भारत की सक्रिय कूटनीति का परिणाम मानी जा रही है। भारत ने अपने समुद्री हितों की रक्षा के लिए ईरान के साथ उच्च स्तरीय कूटनीतिक बातचीत जारी रखी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया था कि जो देश ईरान के साथ समन्वय बनाए रखते हैं और शत्रु श्रेणी में नहीं आते उनके जहाजों को मार्ग दिया जा रहा है। इस सूची में भारत के साथ-साथ चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान जैसे देश शामिल हैं।

Hormuz का महत्व

Strait Of Hormuz वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की रीढ़ है। यह ईरान और ओमान के बीच का एक संकरा रास्ता है जहां से दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग एक-चौथाई हिस्सा गुजरता है। प्रतिदिन यहां से दो करोड़ बैरल से ज्यादा कच्चा तेल और भारी मात्रा में एलएनजी की ढुलाई होती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मार्ग में थोड़ी भी बाधा आती है तो इसका सीधा असर वैश्विक वित्तीय बाजारों और आम उपभोक्ताओं के घरेलू बजट पर पड़ता है। ऐसे में भारत के जहाजों का सुरक्षित निकलना देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक संजीवनी की तरह है।

India By Election 2026 LIVE: उपचुनाव में दांव पर कई दलों की साख, नंदीग्राम-रेजीनगर से नगांव तक वोटिंग शुरू

इंडिया गठबंधन का CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ रण! इस्तीफे की मांग के साथ निर्वाचन सदन पर हल्ला-बोल

Weather Alert: दिल्ली से बिहार और यूपी तक बदलेगा मौसम, 24 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, आंधी की चेतावनी

फॉर्म 6 पर नहीं थम रही तकरार! राहुल गांधी के नए दावों का ECI ने किया फैक्ट-चेक, खुलासे के बाद नहीं आया जवाब

दुर्गा पूजा में उपद्रव की कोशिश तो खैर नहीं! राज्यभर में DJ बैन,जानें बिहार पुलिस का नया सिक्योरिटी प्लान