Hormuz Strait पर अमेरिका का सरेंडर! ईरान के आगे ट्रंप हुए बेबस, इंटेलिजेंस रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

Hormuz Strait Crisis Update: होर्मुज जलडमरूमध्य बना ईरान का सबसे बड़ा हथियार! अमेरिका और वैश्विक तेल बाजार पर बढ़ा दबाव। जानें ट्रंप के दावे और ईरान की 'थ्रॉटल' रणनीति का पूरा सच।
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Hormuz Strait पर अमेरिका का सरेंडर! ईरान के आगे ट्रंप हुए बेबस, इंटेलिजेंस रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
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Iran-US War: ईरान-अमेरिका के बीच चल रही जंग में एक नया खुलासा सामने आया है, जो अमेरिका के लिए चिंता का कारण बन सकता है। अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट्स में चेतावनी दी गई है कि ईरान जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य(Hormuz Strait) को पूरी तरह से खोलने वाला नहीं है, क्योंकि यह अब ईरान का सबसे बड़ा हथियार बन चुका है।

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के हवाले से तीन सूत्रों का कहना है कि इन रिपोर्ट्स में साफ तौर पर कहा गया है कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को नियंत्रित करके अमेरिका और वैश्विक बाजार पर दबाव बना रहा है। यह जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, और इसमें से दुनिया के करीब पांचवे हिस्से का तेल और गैस गुजरता है। इस रास्ते को अपने नियंत्रण में रखकर ईरान ने दोनों पर कड़ा दबाव डाल दिया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण

रिपोर्ट के अनुसार, ईरान इस जलडमरूमध्य(Hormuz Strait) को पूरी तरह से बंद नहीं कर रहा, बल्कि इसे "थ्रॉटल" कर रहा है, यानी वह इसे जरूरत के हिसाब से खोलता और बंद करता है। इससे तेल की कीमतों को ऊंचा बनाए रखने और अमेरिका पर दबाव बनाने का उद्देश्य है। इसके अलावा, ईरान ने अपने दोस्तों और दुश्मनों की लिस्ट बनाकर उसी के अनुसार जहाजों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार दावा करते रहे हैं कि होर्मुज(Hormuz Strait) को खोलना कोई मुश्किल काम नहीं है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर लिखा, "थोड़ा समय और मिले तो हम आसानी से होर्मुज खोल सकते हैं, तेल ले सकते हैं और बड़ा फायदा कमा सकते हैं।" लेकिन इस दावे पर रक्षा विशेषज्ञ सहमत नहीं हैं। इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप के ईरान प्रोजेक्ट डायरेक्टर अली वैज ने कहा, "अमेरिका ने ईरान को मास डिस्ट्रक्शन का हथियार रोकने की कोशिश में उसे मास डिसरप्शन का हथियार दे दिया है।" उनका कहना था कि होर्मुज पर नियंत्रण ईरान के लिए परमाणु हथियार से भी ज्यादा ताकतवर साबित हो रहा है।

ईरान कर सकता है टैक्स वसूली?

ईरान-अमेरिका के युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल द्वारा हमले के बाद हुई थी। इसके बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को बेहद जोखिमपूर्ण बना दिया है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने जहाजों पर हमले किए, समुद्र में माइंस बिछाने और जहाजों के गुजरने के लिए शर्तें लगाने जैसे कदम उठाए हैं। इसके कारण शिपिंग कंपनियों के लिए यह रास्ता असुरक्षित और महंगा हो गया है।

इस स्थिति का असर वैश्विक बाजार पर भी पड़ा है, और तेल की कीमतें कई सालों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। इसके अलावा, कई देशों में ईंधन संकट गहरा गया है। पूर्व सीआईए डायरेक्टर बिल बर्न्स ने भी कहा, "ईरान अब इस ताकत को छोड़ने वाला नहीं है। वह इसका इस्तेमाल लंबे समय तक सुरक्षा और आर्थिक फायदे के लिए करेगा।" उन्होंने यह भी संभावना जताई कि युद्ध के बाद ईरान होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से टैक्स वसूलकर अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकता है।

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