Highlights:
तमिलनाडु में DRI ने क्रिस्टल मेथ की जब्ती की
तटीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया
गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की
Drug Smuggling Racket Busted: देशभर में नशे के खिलाफ सरकार एजेंसी लगातार कार्रवाई कर रही है। इस बीच डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस संगठित नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, ने तमिलनाडु के तटीय इलाके से भारी मात्रा में नशीले पदार्थों की बरामदगी की है। एजेंसी के अनुसार हाल के वर्षों की सबसे बड़ी कार्रवा में से एक है। DRI ने तमिलनाडु के नागपट्टिनम जिले के एक तटीय गांव से 137 किलोग्राम क्रिस्टल मेथामफेटामाइन जब्त किया है, जो एक प्रतिबंधित सिंथेटिक नशीला पदार्थ है।
खुफिया जानकारी के आधार पर, DRI अधिकारियों ने 16-17 अक्टूबर 2026 के दौरान गहन निगरानी और प्रवर्तन अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने तटीय इलाकों में सक्रिय एक ऐसे ड्रग-तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया, जो इन नशीले पदार्थों की श्रीलंका में तस्करी करने की कोशिश कर रहा था। इस खेप को समुद्र के बीचों-बीच एक जहाज से दूसरे जहाज में स्थानांतरित करके श्रीलंका भेजने की योजना थी। अवैध ड्रग बाजार में जब्त किए गए इन नशीले पदार्थों की कीमत 100 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।
यह ऑपरेशन एक खास खुफिया जानकारी के आधार पर चलाया गया था। जानकारी के अनुसार, नशीले पदार्थों की एक बड़ी खेप को नागपट्टिनम जिले के तटीय इलाके में जमा किया गया था, जिसे बाद में तस्करी के जरिए श्रीलंका भेजा जाना था। तलाशी के दौरान छह बैग मिले, जिनमें चांदी की पन्नी में लिपटे 27 पैकेट थे। हर पैकेट का वजन लगभग 5 किलोग्राम था। इन पैकेटों में एक सफेद क्रिस्टलीय पदार्थ था, जिसके उच्च शुद्धता वाला मेथामफेटामाइन होने का संदेह है। इस अवैध खेप को 'नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट, 1985' के प्रावधानों के तहत जब्त कर लिया गया।
साथ ही, संदिग्ध मास्टरमाइंड के ठिकाने पर भी तलाशी ली गई, जहां से DRI अधिकारियों ने 10 लाख रुपये नकद जब्त किए। माना जा रहा है कि यह रकम नशीले पदार्थों की बिक्री से मिली थी। नशीले पदार्थों की ढुलाई में इस्तेमाल होने वाली दो चार-पहिया और एक दो-पहिया गाड़ी भी जब्त की गई हैं। इस ऑपरेशन के जरिए ड्रग तस्करी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है।
इसमें वे लोग भी शामिल थे जो तटीय इलाकों से माल भेजने, उसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाने, जमा करने और लॉजिस्टिक्स का काम संभाल रहे थे। NDPS एक्ट, 1985 के तहत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।