कोडीन कफ सिरप पर High Court की टिप्पणी; हर बिक्री अपराध नहीं, नशे के लिए इस्तेमाल पर लागू हो सकता है NDPS एक्ट

NDPS Act Codeine Syrup: हाईकोर्ट ने कोडीनयुक्त कफ सिरप मामले में कहा कि चिकित्सकीय उपयोग के लिए सिरप रखना या बेचना NDPS अपराध नहीं है, लेकिन नशे के उद्देश्य से बिक्री पर NDPS एक्ट लागू हो सकता है।
Allahabad High Court Clarifies When Codeine Cough Syrup Can Attract NDPS Act
कोडीन कफ सिरप पर High Court की टिप्पणी(सोर्स- फोटो नवभारत)
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Allahabad High Court Codeine Cough Cyrup: कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी और बिक्री के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अहम कानूनी टिप्पणी की है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि नशे के उद्देश्य से कोडीन कफ सिरप का भंडारण, बिक्री या परिवहन किए जाने पर एनडीपीएस एक्ट के प्रावधान लागू हो सकते हैं, लेकिन चिकित्सकीय उपयोग के लिए निर्धारित मात्रा में कोडीन युक्त कफ सिरप रखना या बेचना अपने आप में एनडीपीएस अपराध नहीं माना जा सकता। न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकलपीठ ने यह टिप्पणी करते हुए 19 आरोपियों की जमानत अर्जियों पर सुनवाई की।

कोर्ट ने मात्रा और उद्देश्य को माना अहम

हाईकोर्ट ने कहा कि चिकित्सा उपयोग के लिए निर्धारित मात्रा में, यानी 0.2 प्रतिशत तक कोडीन वाला कफ सिरप, यदि औषधीय उपयोग के लिए रखा या बेचा जा रहा है तो केवल इसी आधार पर एनडीपीएस एक्ट का अपराध नहीं बनता। हालांकि, बिना डॉक्टर के पर्चे के सामान्य दवा की दुकान से सिरप की बिक्री ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट का उल्लंघन हो सकती है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि नशीले पदार्थ के रूप में इस्तेमाल के लिए बड़ी मात्रा में कोडीन कफ सिरप की बिक्री को केवल सामान्य दवा की बिक्री बताकर बचा नहीं जा सकता।

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जांच में फर्जी दस्तावेज और संगठित गिरोह का दावा

राज्य की ओर से अदालत को बताया गया कि आरोपियों के खिलाफ नशे के लिए प्रतिबंधित दवाओं की सप्लाई का आरोप है। जांच में कथित तौर पर एक संगठित गिरोह की संलिप्तता और फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाने के साक्ष्य मिले हैं। सुनवाई के दौरान मुख्य सवाल यह भी उठा कि न्यू फेंसिडिल, एक्सकफ, कोडेक्स और लाइकोरेक्स-टी जैसे कफ सिरप, जिनमें निर्धारित सीमा के भीतर कोडीन मौजूद रहता है, किन परिस्थितियों में मादक पदार्थ की श्रेणी में आएंगे।

अपर महाधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने तर्क दिया कि लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन अथवा नशे के उद्देश्य से बिक्री-परिवहन किए जाने पर एनडीपीएस एक्ट लागू हो सकता है। कोर्ट ने माना कि कम समय में असामान्य रूप से बड़ी मात्रा में सिरप की बिक्री नशे के लिए किए जाने की आशंका पैदा कर सकती है।

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19 आरोपियों की जमानत अर्जियों पर सुनवाई

मामले में मुख्य आरोपी भोला प्रसाद समेत कुल 19 आरोपियों की जमानत अर्जियां अलग-अलग आधार पर दाखिल की गई थीं। अदालत ने मामले की परिस्थितियों और आरोपों को देखते हुए मुख्य आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी, जबकि कर्मचारियों की भूमिका और परिस्थितियों के आधार पर कुछ आरोपियों को राहत दी गई।

हाईकोर्ट की टिप्पणी से दवा कारोबारियों में हलचल

अदालत की यह टिप्पणी कोडीनयुक्त कफ सिरप की बिक्री से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि सिर्फ दवा में कोडीन मौजूद होने से हर मामला एनडीपीएस का नहीं बनता; उसके इस्तेमाल का उद्देश्य, मात्रा और बिक्री की परिस्थितियां भी महत्वपूर्ण होंगी।

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