

भोपाल में जिला अदालत के पास क्राइम ब्रांच ने 4 ग्राम MD ड्रग्स के साथ युवक को पकड़ा।
जब्त मेफेड्रोन की कीमत करीब 1 लाख रुपये बताई जा रही है।
जहांगीराबाद निवासी मुकुल धौलपुरे ने पूछताछ में खुद को वकील बताया।
वकालत की आड़ में ड्रग्स तस्करी के संदेह की जांच, सप्लाई नेटवर्क खंगाल रही पुलिस।
Bhopal Crime Branch Drug Seizure: भोपाल में नशे के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए क्राइम ब्रांच ने जिला अदालत के पिछले गेट के पास से एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से करीब 4 ग्राम एमडी (मेफेड्रोन) ड्रग्स बरामद होने की जानकारी सामने आई है। जब्त नशीले पदार्थ की कीमत करीब 1 लाख रुपये बताई जा रही है।
आरोपी की पहचान जहांगीराबाद निवासी मुकुल धौलपुरे के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान उसने खुद को वकील बताया है। हालांकि, उसके पेशे से जुड़े दावे की पुष्टि की जा रही है। पुलिस अब इस मामले में ड्रग्स की सप्लाई और आरोपी के संभावित संपर्कों की जांच कर रही है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, भोपाल क्राइम ब्रांच को मुखबिर से सूचना मिली थी कि जिला अदालत के पिछले गेट के पास एक युवक एमडी ड्रग्स की सप्लाई करने के लिए मौजूद है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और संदिग्ध युवक को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से करीब 4 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद की गई। यह कार्रवाई शुक्रवार देर रात की बताई जा रही है। पुलिस ने बरामद नशीले पदार्थ को जब्त कर आरोपी के खिलाफ आगे की कार्रवाई शुरू की है।
गिरफ्तार युवक की पहचान जहांगीराबाद निवासी मुकुल धौलपुरे के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुद को वकील बताया है। हालांकि, वह वास्तव में वकालत करता है या नहीं, इसकी पुष्टि की जा रही है। मामले में यह भी जांच का विषय है कि आरोपी अदालत के पिछले गेट के पास किस उद्देश्य से मौजूद था और क्या वह वहां किसी को ड्रग्स की डिलीवरी देने पहुंचा था। फिलहाल, मध्य प्रदेश पुलिस की ओर से सामने आए तथ्यों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि आरोपी कथित तौर पर वकालत की आड़ में नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल था। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि आरोपी की गतिविधियां कितने समय से चल रही थीं और क्या उसका इस्तेमाल किसी संगठित ड्रग्स नेटवर्क के तहत किया जा रहा था। आरोपी के पेशे से संबंधित दावे और कथित तस्करी के बीच संबंध की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
इस मामले में भोपाल पुलिस के सामने सबसे अहम सवाल यह है कि आरोपी को एमडी ड्रग्स कहां से मिली और वह इसे किसे सप्लाई करने वाला था। जांच के दौरान उसके संभावित संपर्कों, ड्रग्स की खरीद और वितरण से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा सकती है। साथ ही, यह भी पता लगाने की कोशिश होगी कि इस मामले में अन्य लोग शामिल हैं या नहीं। फिलहाल, करीब 1 लाख रुपये कीमत की बताई जा रही ड्रग्स की बरामदगी के बाद पुलिस की जांच जारी है।