BJP Rajya Sabha Candidate List: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के चुनाव के लिए बीजेपी ने सोमवार को अपनी सूची जारी की। पार्टी ने 10 में से 8 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं। वर्तमान संख्याबल के अनुसार, बीजेपी 7 सीटें आसानी से जीत सकती है, जबकि 8वीं सीट के लिए उसे रणनीतिक प्रयास करने होंगे।
धर्मपाल सिंह
राधाकांत ओझा
प्रकाश पाल
विद्यासागर सोनकर
गोपी कृष्णा पांडे
प्रियंका सिंह रावत
राम प्रताप सिंह चौहान
श्रुति गंगवार
यूपी विधानसभा के कुल 403 सदस्यों में से फिलहाल 397 विधायक हैं। ऐसे में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 37 प्रथम वरीयता वोटों की जरूरत है। बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए के पास कुल 292 विधायक हैं, जबकि सपा गठबंधन के पास 103 विधायक हैं।
एनडीए में बीजेपी के 256, अपना दल (एस) के 13, आरएलडी के 9, सुभासपा के 6 और निषाद पार्टी के 5 विधायक हैं। राजा भैया की पार्टी के दो विधायक भी हैं। इन्हें मिलाकर यह संख्या 291 विधायकों की होती है। इसके अलावा मनोज पांडेय समेत तीन निर्दलीय विधायक बीजेपी के समर्थन में हैं। यानी बीजेपी के साथ कुल 294 विधायक बताए जा रहे हैं।
वहीं, सपा और कांग्रेस को मिलाकर कुल 103 विधायक हैं। इनमें 101 विधायक सपा के हैं, जिसमें पूजा पाल, विनोद चतुर्वेदी, महराजी प्रजापति, आशुतोष मौर्य और राकेश पांडेय शामिल हैं। पिछले चुनाव में इन पांचों ने बागी रुख अपनाया था। इनमें से चार ने बीजेपी प्रत्याशी को वोट दिया था, जबकि महराजी प्रजापति वोट देने नहीं पहुंची थीं।
अगर इस बार भी इन चारों ने सपा को वोट नहीं दिया तो सपा की संख्या 98 रह जाएगी। इसके अलावा सपा के एक विधायक रमाकांत यादव जेल में हैं। अगर उन्हें वोट डालने की अनुमति नहीं मिलती है तो वह मतदान नहीं कर पाएंगे। ऐसी स्थिति में सपा के पास 23 अतिरिक्त वोट बचेंगे। वहीं, रमाकांत यादव को वोट डालने की अनुमति मिलने पर यह संख्या 24 हो जाएगी।
राज्यसभा की एक सीट के लिए 37 विधायकों की जरूरत के हिसाब से बीजेपी को सात सीटें जीतने के लिए 259 विधायक चाहिए होंगे। इसके बाद उसके पास 35 अतिरिक्त वोट बचेंगे। हालांकि, इनमें से कई विधायक सपा के संपर्क में बताए जा रहे हैं। इनमें सुभासपा के करीब 4 विधायक शामिल हैं। इसके अलावा आरएलडी के दो विधायक, बीजेपी के करीब 10 से 12 विधायक और निषाद पार्टी के कुछ विधायक भी सपा के संपर्क में बताए जा रहे हैं।
सपा को तीसरी और बीजेपी को आठवीं सीट जिताने के लिए करीब 11-12 अतिरिक्त वोटों की जरूरत होगी। यही वजह है कि यूपी का राज्यसभा चुनाव बेहद दिलचस्प और कांटे की टक्कर वाला माना जा रहा है।