2027 चुनाव में BJP को टेंशन देंगे संजय निषाद! सामने आया पार्टी का मेगा प्लान, यूपी में मचेगा सियासी घमासान

Uttar Pradesh News: यूपी में होने वाले 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले सूबे का सियासी पारा चढ़ने लगा है। निषाद पार्टी ने अपनी राजनीतिक गतिविधियां बढ़ा दी हैं, जो BJP के लिए मुश्किलें पैदा कर सकती हैं
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UP Politics: उत्तर प्रदेश में होने वाले 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले सूबे का सियासी पारा चढ़ने लगा है। निषाद पार्टी ने अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज और मेरठ में रैलियों की एक सीरीज के जरिए अपने चुनावी अभियान की शुरुआत की घोषणा की है।

इस अभियान की औपचारिक शुरुआत 22 मार्च, 2026 को गोरखपुर में होगी। जहां महंत दिग्विजयनाथ पार्क में पहली विशाल रैली आयोजित की जाएगी। पार्टी इस आयोजन को अपनी शक्ति प्रदर्शन के रूप में देख रही है और यह सुनिश्चित करने की तैयारी कर रही है कि इसमें बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हों।

सामने आया संजय निषाद का नया प्लान

इन रैलियों का मुख्य केंद्र बिंदु 'मझवार' और 'तुरैहा' समुदायों को अनुसूचित जाति (SC) श्रेणी में शामिल करने की मांग को प्रमुखता से उठाना होगा। इसके अतिरिक्त, खनन, नदी घाटों और ज़मीन से जुड़े पारंपरिक अधिकारों की बहाली भी पार्टी के एजेंडे में प्रमुखता से शामिल है।

संगठनात्मक संरचना को किया मजबूत

मछुआरा समुदाय के अधिकारों की वकालत करने के लिए एक व्यापक आंदोलन शुरू करने की तैयारियां भी चल रही हैं। संगठनात्मक स्तर पर भी निषाद पार्टी काफी सक्रिय नज़र आ रही है। पार्टी का दावा है कि उसने 88 जिलों में प्रभारियों की नियुक्ति करके अपनी संगठनात्मक संरचना को मजबूत किया है।

गोरखपुर में 'मछुआ SC आरक्षण मेगा रैली'

16 मार्च को 'एक्स' पर एक पोस्ट करते हुए संजय निषाद ने जनता से 'मछुआ SC आरक्षण मेगा रैली' में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की। ​​यह आयोजन 22 मार्च को निषाद राज जयंती और प्रांतीय सम्मेलन के अवसर पर हो रहा है। उन्होंने इस आयोजन को समुदाय के अधिकारों को मज़बूत करने का एक अवसर करार दिया है।

इसके बाद 17 मार्च को किए गए एक अन्य पोस्ट में संजय निषाद ने लिखा कि निषाद समुदाय की आवाज़ अब और बुलंद हो रही है और उनके नेतृत्व में समुदाय अपने अधिकारों को हासिल करने के लिए एकजुट होकर आगे बढ़ रहा है। यह दोहराते हुए कि SC आरक्षण एक अंतर्निहित अधिकार है।

बीजेपी के लिए कैसे पैदा करेंगे मुश्किल?

अब यह माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जिले से इन रैलियों की औपचारिक शुरुआत करके संजय निषाद दोहरे उद्देश्य को हासिल करना चाहते हैं। एक वे संभावित रूप से भाजपा के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं। दूसरा निषाद समुदाय से जुड़े मुद्दों को उठाकर वह गठबंधन के भीतर अपना प्रभाव जमाना और प्रमुख चुनावी सीटों पर अपना दावा ठोकना चाहते हैं।

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