दीपिका पादुकोण और राधिका आप्टे (सोर्स: सोशल मीडिया) 
मनोरंजन

दीपिका पादुकोण के बाद राधिका आप्टे ने लॉन्ग शिफ्ट्स पर उठाई आवाज, 12 घंटे से ज्यादा काम करने से किया इनकार

Radhika Apte Work Culture: दीपिका पादुकोण के बाद अब राधिका आप्टे ने बॉलीवुड में लंबे वर्किंग आवर्स पर सवाल उठाए हैं। राधिका ने कहा कि सेहत, परिवार और मानसिक संतुलन से समझौता कर काम करना सही नहीं है।

सोनाली झा

Radhika Apte Work Life Balance: बॉलीवुड में काम के घंटों को लेकर बहस तेज होती जा रही है। हाल ही में दीपिका पादुकोण द्वारा आठ घंटे की शिफ्ट की मांग के बाद यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आया था। अब इस बहस में अभिनेत्री राधिका आप्टे का नाम भी जुड़ गया है। राधिका ने खुलकर कहा है कि वह फिल्म इंडस्ट्री में लंबे और थकाऊ वर्किंग आवर्स से परेशान हैं और इसी वजह से उन्होंने कई प्रोजेक्ट्स को ठुकरा दिया है।

एक इंटरव्यू में राधिका ने बताया कि उन्होंने काम के घंटों को लेकर अपनी बात रखने के लिए कई बार बातचीत और बहस तक की है। उनका कहना है कि इंडस्ट्री में अब भी यह मान लिया जाता है कि कलाकार बिना सवाल किए 14-16 घंटे तक काम करेंगे, जबकि यह न तो हेल्दी है और न ही इंसानियत के लिहाज से सही। राधिका ने कहा कि खासकर पेरेंट्स के लिए यह सिस्टम बेहद मुश्किल हो जाता है।

राधिका आप्टे ने कही ये बात

जब उनसे पूछा गया कि फिल्म इंडस्ट्री को पेरेंट्स के लिए ज्यादा फ्रेंडली बनाने के लिए क्या बदलाव होने चाहिए, तो उन्होंने साफ कहा कि सबसे पहले काम के घंटे बदले जाने चाहिए। राधिका के मुताबिक, किसी से यह उम्मीद करना गलत है कि वह पूरे हफ्ते अपने बच्चे को देखे बिना लगातार शूटिंग करता रहे। उन्होंने यह भी कहा कि कई लोग उन्हें सलाह देते हैं कि वह बच्चे की देखभाल के लिए नैनी रख लें या बच्चे को सेट पर ले आएं, लेकिन यह कोई स्थायी या व्यावहारिक समाधान नहीं है।

वर्क-लाइफ बैलेंस पर की बात

राधिका आप्टे ने यह भी बताया कि अब वह स्क्रिप्ट साइन करते वक्त अपनी कुछ शर्तों पर अडिग रहती हैं। उन्होंने कहा कि उनके लिए 12 घंटे से ज्यादा की शिफ्ट नॉन-नेगोशिएबल है, जिसमें ट्रैवल, हेयर, मेकअप और शूटिंग सभी शामिल हों। अगर ट्रैवल में ज्यादा समय लगता है, तो उसी हिसाब से शूटिंग शेड्यूल प्लान किया जाना चाहिए। इसके अलावा, वह हफ्ते में पांच दिन काम करना पसंद करती हैं और नियमित वीकली ऑफ पर भी जोर देती हैं।

राधिका आप्टे के हाथ से चली जाती हैं फिल्में

उन्होंने माना कि उनकी इन शर्तों से कई लोग खुश नहीं होते और कई बार उन्हें काम भी गंवाना पड़ा है। बावजूद इसके, राधिका मानती हैं कि सेहत, परिवार और मानसिक संतुलन से समझौता कर काम करना सही नहीं है। उनका कहना है कि अपवाद की स्थिति अलग हो सकती है, लेकिन इसे सामान्य नियम नहीं बनाया जाना चाहिए। राधिका आप्टे की यह राय न सिर्फ कलाकारों बल्कि पूरी इंडस्ट्री के लिए एक अहम संदेश है। यह बहस अब केवल स्टार्स तक सीमित नहीं रही, बल्कि वर्क-लाइफ बैलेंस और बेहतर कामकाजी माहौल की जरूरत को उजागर कर रही है।

जम्मू-कश्मीर में BJP प्रदर्शन के दौरान बवाल, कार्यकर्ताओं और पुलिस में हिंसक झड़प; लाठीचार्ज से मचा हड़कंप

MS Dhoni के 100 करोड़ मानहानि केस में बड़ा अपडेट, कोर्ट ने स्वीकार की संपत कुमार की ये 3 मांगें

नेपाल में बाढ़ से 1000 से अधिक मौतें, भारत से मदद जारी, जानिए 5वें विमान से क्या-क्या भेजा गया

हरियाणा: हथनीकुंड बैराज में ट्रेनिंग के दौरान हादसा, तेज बहाव में बहे 5 जवान, 2 कमांडो लापता

सिंबल और नाम की लड़ाई पर होगा फैसला, सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना के अधिकार पर सुनवाई, दिल्ली पहुंचे एकनाथ शिंदे