कोच्चि हिट एंड रन केस सोर्स- सोशल मीडिया
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कोच्चि के जज को हाई कोर्ट से राहत, मर्सिडीज से टक्कर मामले में अग्रिम जमानत; फूड विक्रेता की गई थी जान

Kochi Judge Gets Bail In Hit And Run Case: कोच्चि हिट एंड रन मामले में उच्च न्यायालय ने जज को अग्रिम जमानत दे दी है। जज पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।

नितिन कुमार राय

Highlights

  • एक्सीडेंट मामले में कोच्चि के जज को हाई कोर्ट से राहत मिली है

  • मर्सिडीज से टक्कर के बाद फूड विक्रेता की मौत हो गई थी

  • जज पुलिस जांच में मदद करने का आश्वासन दिया

Kochi Hit-and-Run Case: केरल उच्च न्यायालय ने गुरुवार को कोच्चि के उस न्यायाधीश को अग्रिम जमानत दे दी, जिन पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। उन पर आरोप है कि उनके 17 वर्षीय बेटे ने मर्सिडीज-बेंज कार से एक स्कूटर को टक्कर मार दी, जिससे कोच्चि में 55 वर्षीय स्ट्रीट फूड विक्रेता की मौत हो गई।

न्यायमूर्ति कौसर एडप्पागथ की अध्यक्षता वाली एकल-न्यायाधीश पीठ ने कहा कि जांचकर्ताओं ने न्यायिक अधिकारी से पहले ही चार घंटे तक पूछताछ कर ली है और न्यायाधीश जांच में सहयोग करेंगे।

जज जांच में करेंगे सहयोग

कोर्ट ने कहा कि हिरासत में पूछताछ की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्हें सुरक्षा प्रदान करना अनिवार्य है। वे न्यायिक अधिकारी हैं और सहयोग करेंगे। पुलिस ने उनसे चार घंटे तक पूछताछ की थी।

मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के अध्यक्ष न्यायाधीश से अलुवा पुलिस क्लब में अपराध शाखा के अधिकारियों द्वारा कई घंटों तक पूछताछ किए जाने के एक दिन बाद अंतरिम राहत दी गई है। उन्हें गुरुवार को फिर से पूछताछ के लिए पेश होने को कहा गया है।

चित्तूर इलाके में हुई थी घटना

यह दुर्घटना 25 अक्टूबर की सुबह हुई, जिसमें कोच्चि के चित्तूर इलाके में स्ट्रीट फूड का ठेला चलाने वाले जयबालकृष्णन की मौत हो गई। किशोर को घटनास्थल पर ही पकड़ लिया गया था और बाद में किशोर न्याय बोर्ड ने उसे जमानत दे दी। उस पर गैर इरादतन हत्या और लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया गया है। शुक्रवार को एर्नाकुलम की एक विशेष अदालत किशोर की जमानत रद्द करने की याचिका पर सुनवाई करेगी।

अधिनियम में कई प्रावधान शामिल

मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199ए के तहत दर्ज एक मामले में न्यायाधीश का नाम शामिल है। यह धारा नाबालिग द्वारा अपराध किए जाने पर अभिभावक या वाहन मालिक के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान करती है। इस प्रावधान के तहत अधिकतम तीन साल की कैद, 25,000 रुपये का जुर्माना और 12 महीने के लिए वाहन का पंजीकरण रद्द करने का प्रावधान है।

इस प्रावधान के अनुसार, अदालत को यह मानकर चलना होगा कि नाबालिग ने वाहन मालिक या अपने अभिभावक की सहमति से वाहन का इस्तेमाल किया था।

पुलिस की चूक को स्वीकार किया

राज्य सरकार ने घातक दुर्घटना की जांच में पुलिस की चूक को स्वीकार किया है और चेरानल्लूर पुलिस स्टेशन से जुड़े चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।

बुधवार को सरकार ने कोच्चि शहर के पुलिस आयुक्त कलिराज महेश कुमार को भी उनके पद से हटा दिया और उनकी जगह 2008 बैच की भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी आर निशांतिनी को नियुक्त किया।

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