स्वदेशी तेजस में अमेरिकी इंजन GE-404 क्यों? समझिए भारत के फाइटर जेट का पूरा गणित

Tejas LCA Mk-1A: हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को मिले GE-404 इंजन तेजस Mk-1A फाइटर जेट के लिए अहम हैं। जानिए 97 विमानों के सौदे, इंजन की भूमिका और स्वदेशी तकनीक की खासियतें।
Tejas LCA Mk-1A Fighter Jet
तेजस फाइटर जेटसौजन्य-IANS
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Tejas LCA Mk-1A Fighter Jet: काशी में 25 अक्टूबर को गंगा के ऊपर भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने अपनी गर्जना से अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया। नमो घाट पर आयोजित ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राफेल, सुखोई और अन्य विमानों का प्रदर्शन देखा। इस एयर शो ने वहां बैठी जनता को रोमांच और उत्साह से भर दिया।

एयर शो में 100 से अधिक विमानों और हेलीकॉप्टरों के प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार की गई थी। इसमें राफेल और सुखोई, तेजस समेत 52 लड़ाकू विमान शामिल बताए गए। लड़ाकू विमानों के साथ हेलीकॉप्टरों की समन्वित उड़ानों ने भी दर्शकों को रोमांचित किया। गंगा के दोनों किनारों पर मौजूद लोगों की निगाहें लगातार आसमान पर टिकी रहीं।

Tejas LCA Mk-1A Fighter Jet air show
तेजस फाइटर जेट सौजन्य-IANS

तेजस बनाने के लिए अमेरिकी इंजन का इस्तेमाल

भारत विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के साथ देश में तेजस के स्वदेशी निर्माण पर भी जोर दे रहा है। लेकिन स्वदेशी होने के बावजूद अभी भी इसे बनाने के लिए भारत को अमेरिका पर निर्भर रहना पड़ता है। सोचिए कि आप एक बहुत तेज रफ्तार वाली स्पोर्ट्स कार बना रहे हैं, लेकिन उसे चलाने के लिए आपको विदेश से इंजन आने का इंतजार करना पड़े। यह बिल्कुल उसी तरह है।

तेजस बनाने के लिए एक GE-404 जेट इंजन का इस्तेमाल किया जाता है। भारत की प्रमुख सैन्य विमान निर्माता कंपनी, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को एक अमेरिकी सप्लायर से अपना GE-404 जेट इंजन मिलता है। हाल ही में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को चौथा इंजन मिला है। इस वित्तीय वर्ष के अंत तक, HAL को कुल 12 GE-404 इंजन मिलने की उम्मीद है।

Tejas LCA Mk-1A Fighter Jet
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GE-404 जेट इंजन क्यों महत्वपूर्ण हैं?

एक शक्तिशाली इंजन के बिना फाइटर जेट उड़ान नहीं भर सकता। ये GE-404 इंजन भारत में बने फाइटर जेट, 'तेजस LCA Mk-1A' के लिए 'दिल' की तरह काम करते हैं। इन इंजनों की लगातार सप्लाई मिलने से HAL अपनी निर्माण प्रक्रिया को तेज कर सकता है, ताकि वे समय पर भारतीय वायु सेना को ये फाइटर जेट सौंप सकें।

तेजस LCA Mk-1A फाइटर जेट क्या है?

तेजस LCA Mk-1A भारत में बना एक आधुनिक 'लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट' है। इन लड़ाकू विमानों की डिलीवरी 2027-28 में शुरू होगी और 6 सालों में अलग-अलग चरणों में पूरी होगी। भारतीय वायु सेना द्वारा अपने मिग-21 (MiG-21) बेड़े को रिटायर किए जाने के बाद, तेजस Mk1A का महत्व और भी बढ़ गया है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) का कहना है कि इसका उत्पादन सही रास्ते पर है, और जैसे ही इंजन मिल जाएंगे, डिलीवरी की रफ्तार तेज कर दी जाएगी।

Tejas LCA Mk-1A Fighter Jet engine
तेजस फाइटर जेटसौजन्य-IANS

तेजस LCA Mk-1A में कई हाई-टेक खूबियां हैं:-

  • आधुनिक हथियार और इलेक्ट्रॉनिक्स: इसमें आधुनिक एवियोनिक्स, हथियारों को ले जाने की बेहतर क्षमता और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम लगा है।

  • उत्तम AESA रडार: यह एक हाई-टेक रडार सिस्टम है, जिसका इस्तेमाल लंबी दूरी से वस्तुओं को ट्रैक करने और उनका पता लगाने के लिए किया जाता है।

  • सेल्फ-डिफेंस शील्ड: यह एक ऑटोमैटिक 'सेल्फ-डिफेंस शील्ड' सिस्टम है, जो लड़ाई के दौरान विमान की सुरक्षा करता है।

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97 फाइटर जेट्स के लिए बड़ा समझौता

भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए, रक्षा मंत्रालय ने HAL के साथ ₹62,370 करोड़ का एक बड़ा समझौता किया है। इस समझौते के तहत, HAL 97 तेजस Mk-1A विमान बनाएगा। इसमें 68 सिंगल-सीटर विमान शामिल है। इस विमान को युद्ध अभियानों के लिए एक पायलट उड़ाता है। साथ ही 29 ट्विन-सीटर विमान भी है, जिसे दो पायलट उड़ाते हैं और जिनका इस्तेमाल मुख्य रूप से ट्रेनिंग के लिए किया जाता है।

आत्मनिर्भर भारत के लिए यह एक बड़ा कदम क्यों है?

इन विमानों को देश के भीतर बनाने से भारत की 'आत्मनिर्भर भारत' पहल को बढ़ावा मिलता है। इन विमानों में लगने वाले 64% से ज्यादा पुर्जे भारत में ही बनाए जाएंगे जनवरी 2021 में हुए पिछले समझौते की तुलना में, इस नए सौदे में भारत में बने 67 अतिरिक्त पुर्जे शामिल हैं।

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