

Highlights:
MLC चुनावों में कांग्रेस पार्टी की हार के बाद, BJP की ट्रोलिंग पर जयराम रमेश का पलटवार।
नागपुर, वाराणसी, लखनऊ, प्रयागराज और पटना में हारी भाजपा।
जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री को आत्म-मंथन करने की सलाह दी।
Congress Reaction on BJP Trolling: MLC चुनावों में कांग्रेस पार्टी की हार के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर पार्टी और राहुल गांधी की कड़ी आलोचना की। इसके जवाब में, सांसद जयराम रमेश ने पलटवार करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को इसके बजाय अपने खुद के गढ़ की चिंता करनी चाहिए।
जयराम रमेश ने अपने पीएम मोदी की तरह ही सोशल मीडिया पर जवाब लिखा। उन्होंने एक्स पर लिखा, "प्रधानमंत्री को आत्म-मंथन करने की जरूरत है,लेकिन इसके बजाय, वे दूसरों को उपदेश दे रहे हैं!"
कांग्रेस सांसद ने उन्हें अपने और RSS के गढ़ की चिंता करने की सलाह देते हुए लिखा, "कांग्रेस की सीटों को गिनने से पहले, काश वे इस बात पर भी गौर करते कि उनके अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में BJP दोनों सीटें क्यों हार गई, और RSS के गढ़ नागपुर में कांग्रेस ने BJP को कैसे हरा दिया?"
BJP को ट्रोलिंग पर लगाम लगाने की सलाह देते हुए जयराम रमेश ने लिखा, "ट्रोलिंग बंद कीजिए। करोड़ों परिवार कमर तोड़ महंगाई से जूझ रहे हैं, युवा बेरोजगार हैं, और निजी निवेश पूरी तरह रुक गया है। अहंकार छोड़िए और इन मुद्दों पर विचार कीजिए!"
एमएलसी चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी को नागपुर, वाराणसी, लखनऊ, प्रयागराज और पटना में बड़ी हार का सामना करना पड़ा। ये ऐसे क्षेत्र है, जिसमें भाजपा की हार होना लगभग नामुमकिन था। इसके बावजूद पार्टी की हार होना भाजपा के लिए चिंता का विषय बन गई है।
इस पर जयराम रमेश ने आगे लिखा कि जनता ने उनके खिलाफ अविश्वास दिखाया है। उन्होंने लिखा, "वाराणसी और नागपुर से लेकर लखनऊ, प्रयागराज और पटना तक, जनता ने आपकी नीतियों के खिलाफ स्पष्ट रूप से 'अविश्वास प्रस्ताव' पारित कर दिया है।"
उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और बिहार में जिस तरह के नतीजे आए हैं, उसने एक साथ कई संदेश दिए हैं। उत्तर प्रदेश में भी भाजपा को बढ़त हासिल है। यहां पर उसने कुल 11 में से 6 सीटें जीती हैं जबकि समाजवादी पार्टी को पांच सीटें मिलीं लेकिन यहां पर भाजपा वाराणसी में चुनाव हार गई। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है। ऐसे में यहां की हार भाजपा के लिए बड़ा झटका है।
इसी तरह से बिहार में भाजपा कुल 8 में से 4 सीटों पर चुनाव जीतने में सफल रही लेकिन यहां भी पटना सीट पर उसकी हार हुई जबकि पटना उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का अपना शहर है।
इसी के साथ महाराष्ट्र का नागपुर शहर भाजपा और आरएसएस का गढ़ माना जाता है। हालांकि, नागपुर में कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने जीत दर्ज की है और इसी जीत के साथ एमएलसी चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने जीत का खाता खोला।
ऐसे में सवाल उठ रहे है कि देशभर में अपना प्रभुत्व स्थापित करने वाली भाजपा अपने ही गढ़ों में कैसे हार गई। क्या वाकई जनता का विश्वास भाजपा से उठ गया है और जनता बाकी पार्टियों को अपना उम्मीदवार बनाना चाह रही है। 2027 के सात आगामी विधानसभा चुनावों से पहले यह भारतीय जनता पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।