

Sambhajinagar Scrap Trader Murder Case Update: रेलवे स्टेशन पर एक यात्री की बैग लूटने के बाद भाग रहे दो बदमाशों ने रास्ते में स्क्रैप कारोबारी अब्दुल बासित हकीम खान (47) को अपना अगला शिकार बनाया। मोबाइल छीनने के प्रयास का विरोध करने पर बदमाशों ने उनके पैर पर चाकू से ऐसा वार किया कि मुख्य रक्तवाहिनी कट गई।
अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। शहर पुलिस की अपराध शाखा ने CCTV कैमरों की मदद से पूरे घटनाक्रम का खुलासा करते हुए शातिर अपराधी मुकेश सालवे और उसके साथी सोनू पाचवणे को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के पास से चोरी के सोने के आभूषण, लूटा गया मोबाइल, वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल तथा घटना के समय पहने गए कपड़े भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, एक जुलाई की मध्यरात्रि दोनों आरोपी रेलवे स्टेशन क्षेत्र में घूम रहे थे। वहां उन्होंने एक यात्री को निशाना बनाकर उसकी बैग छीन ली। बैग में दो से चार ग्राम वजन के सोने के आभूषण रखे थे। लूट के बाद दोनों आरोपी क्रांति चौक होते हुए आकाशवाणी चौक की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उन्हें स्क्रैप कारोबारी अब्दुल बासित खान अकेले जाते हुए दिखाई दिए। आसान शिकार समझकर दोनों ने उनका रास्ता रोक लिया और मोबाइल छीनने का प्रयास किया।
अब्दुल बासित खान ने बदमाशों का विरोध किया और मोबाइल देने से इनकार कर दिया। इससे नाराज आरोपियों ने धारदार चाकू से उनके पैर पर जोरदार वार कर दिया। वार इतना गहरा था कि पैर की मुख्य रक्तवाहिनी कट गई और तेजी से रक्तस्राव शुरू हो गया। इसके बाद आरोपी उनका मोबाइल छीनकर मौके से फरार हो गए।
गंभीर रूप से घायल बासित ने मदद के लिए कुछ दूर तक चलने का प्रयास किया, लेकिन अधिक रक्त बह जाने के कारण वह सड़क पर गिर पड़े। वहां से गुजर रहे एक ऑटो चालक ने उन्हें घायल अवस्था में देखा और तत्काल पुलिस सहायता नंबर 112 पर सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हत्या और लूट की इस सनसनीखेज वारदात का पर्दाफाश करने के लिए अपराध शाखा ने जांच की अलग रणनीति अपनाई। पुलिस ने यह पता लगाने के बजाय कि आरोपी घटना के बाद कहां भागे, पहले यह खोजा कि वे घटना से पहले कहां से आए थे। इसी रणनीति के तहत शहर के 25 से 30 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई।
जांच में सामने आया कि आरोपी पहले रेलवे स्टेशन पर बैग लूट चुके थे और वहीं से क्रांति चौक होते हुए आकाशवाणी चौक पहुंचे, जहां उन्होंने अब्दुल बासित खान पर हमला किया। इसके बाद दोनों आरोपी अपेक्स अस्पताल, एमजीएम क्षेत्र होते हुए मुकुंदवाड़ी की ओर भाग गए। मुकुंदवाड़ी स्थित हनुमान मंदिर क्षेत्र के CCTV फुटेज ने आरोपियों की पहचान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि वारदात के बाद मुख्य आरोपी मुकेश सालवे सीधे अपने घर पहुंचा। उसी दिन उसका जन्मदिन था और वह अपने दोस्तों के साथ घर की छत पर जश्न मना रहा था। इसी दौरान अपराध शाखा की टीम ने वहां छापा मारकर उसे दबोच लिया। पूछताछ में उसने अपने साथी सोनू पाचवणे का नाम बताया, जिसके बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, मुकेश सालवे शातिर अपराधी है। उसके खिलाफ चोरी, लूट और अन्य गंभीर अपराधों के कई मामले पहले से दर्ज हैं। लगातार आपराधिक गतिविधियों के कारण उसके विरुद्ध तड़ीपार की कार्रवाई भी की गई थी। बाद में वह एक अन्य मामले में जेल चला गया था। करीब एक माह पहले ही जेल से बाहर आने के बाद उसने फिर अपराध की राह पकड़ ली और इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया।
अपराध शाखा ने दोनों आरोपियों के कब्जे से रेलवे स्टेशन से लूटे गए सोने के आभूषण, अब्दुल बासित खान का मोबाइल, वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल तथा घटना के समय पहने गए कपड़े जब्त कर लिए हैं। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि दोनों आरोपियों ने इससे पहले शहर में इसी प्रकार की अन्य लूट और चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट