छत्तीसगढ़ के पेंड्रा में हाथियों का आतंक बढ़ गया है।
मरवाही के बहरी झोरकी गांव में हाथियों ने हमला किया।
हाथियों ने मकान, फसल और बोर को नुकसान पहुंचाया।
पीड़ित परिवार ने बच्चों के साथ भागकर जान बचाई।
क्षेत्र में हाथियों के तीन दल घूमने से दहशत है।
Chhattisgarh Elephant Terror : छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में डर फैल गया है। यहां हाथियों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। मरवाही वन परिक्षेत्र में हाथियों ने उत्पात मचाया है। बहरी झोरकी गांव में बीती रात हमला हुआ। हाथियों के एक दल ने भारी तबाही मचाई है।
हाथियों ने ग्रामीण राम सिंह के मकान पर हमला किया। उनका मकान और बाउंड्रीवॉल पूरी तरह टूट गया। हाथियों ने धान की फसल को रौंद दिया। वहां लगा बोर भी क्षतिग्रस्त हो गया है। गांव में अचानक हमले से हड़कंप मच गया।
देर रात हाथियों का झुंड गांव में आ पहुंचा। हाथी सीधे राम सिंह के घर में घुस गए। उन्होंने घर में रखा अनाज इधर-उधर बिखेर दिया। घरेलू सामान को भी बुरी तरह तोड़ दिया। घर के आसपास जमकर तोड़फोड़ की गई।
हाथियों ने खेतों में खड़ी फसल नष्ट कर दी। हमले में एक मवेशी भी गंभीर रूप से घायल हुआ। उस समय परिवार घर के अंदर ही मौजूद था। हाथियों को देखकर परिवार में चीख-पुकार मच गई। उनकी जान पर बन आई थी।
सामने हाथी देखकर परिवार के लोग डर गए। उन्होंने तुरंत समझदारी से काम लिया। माता-पिता ने अपने बच्चों को साथ लिया। वे तुरंत घर से बाहर की तरफ भागे। इस तरह सभी लोगों ने अपनी जान बचाई।
घटना के बाद से पीड़ित परिवार बहुत डरा हुआ है। गांव के अन्य लोग भी सहमे हुए हैं। क्षेत्र में तीन अलग-अलग हाथी दल मौजूद हैं। इससे ग्रामीणों की चिंता बहुत ज्यादा बढ़ गई है। पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है।
हाथियों की आवाजाही से लोग खेतों में नहीं जा रहे। रात में घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। लोग अपने घरों में दुबकने को मजबूर हैं। ग्रामीणों को हर समय हमले का डर सताता है। वन विभाग की टीम पर नजरें टिकी हैं।
ग्रामीण अब नुकसान के सटीक आकलन की मांग कर रहे हैं। उन्हें शासन से उचित मुआवजे की उम्मीद है। वन विभाग से सुरक्षा के कड़े इंतजामों की मांग है। लोग चाहते हैं कि हाथियों को जंगल में खदेड़ा जाए।