दुर्ग की महेश कॉलोनी में 'लोकतंत्र बचाओ' कार्यक्रम का आयोजन हुआ था।
मुख्य अतिथि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा उपस्थित थे।
भाषण की शुरुआत में नड्डा की जुबान अचानक फिसल गई।
उन्होंने 'लोकतंत्र बचाओ' की जगह 'लोकतंत्र हटाओ' कह दिया।
अपनी गलती सुधारकर उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी को घेरा।
JP Nadda Speech Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित हुआ। महेश कॉलोनी में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' सभा रखी गई। केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा कार्यक्रम के मुख्य वक्ता थे।
भाषण की शुरुआत में नड्डा की जुबान अचानक फिसल गई। उन्होंने गलती से 'लोकतंत्र हटाओ' शब्द बोल दिया। हालांकि उन्होंने तुरंत अपनी गलती को सुधार लिया। इसके बाद उन्होंने 'लोकतंत्र बचाओ' कहकर अपनी बात आगे बढ़ाई।
जुबानी चूक के बाद नड्डा ने कांग्रेस पर हमले किए। उन्होंने राहुल गांधी को सीधी चुनौती दी। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल बिना सबूत बात करते हैं।
एसआईआर में गड़बड़ी के आरोपों पर नड्डा बोले। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी चुनाव आयोग पर आरोप लगाते हैं। जब सबूत देने की बात आती है तो पीछे हट जाते हैं। नड्डा ने राहुल को 'हिट एंड रन' नेता बताया।
उन्होंने राहुल को शपथपत्र देकर आयोग जाने की चुनौती दी। नड्डा ने कहा कि साबित करें वोट चोरी कहां हुई। जनता ऐसी रिजेक्टेड पार्टी पर भरोसा न करे।
नड्डा ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के दौर को याद किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने लोकतंत्र को कमजोर किया। धारा 356 का गलत इस्तेमाल करके सरकारें गिराई गईं।
रायबरेली चुनाव विवाद के बाद कानून में बदलाव किए गए। नड्डा ने पूछा कि ऐसी पार्टी लोकतंत्र की दुहाई कैसे दे सकती है? कांग्रेस का खुद का इतिहास लोकतांत्रिक विवादों से भरा है।
पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए नड्डा ने अपनी बात रखी। उन्होंने बांग्लादेश सीमा से लगे नौ जिलों की बात कही। उन्होंने दावा किया कि वहां घुसपैठ तेजी से बढ़ी है।
मुर्शिदाबाद से घुसपैठियों के आने का दावा किया गया। नड्डा ने कहा कि मतदाता सूची में भारी वृद्धि हुई थी। एसआईआर के बाद सूची की सफाई की गई। असली मतदाताओं ने वोट देकर टीएमसी को हटाया।
नड्डा ने पुराने चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन में नियुक्तियों पर सरकारी दबाव था। पूर्व चुनाव अधिकारियों को बाद में सरकारी पद दिए गए।
उन्होंने टी.एन. शेषन और नवीन चावला जैसे नाम लिए। सुकुमार सेन और नागेंद्र सिंह का भी जिक्र किया। आर.के. त्रिवेदी और वी. रामा देवी का नाम भी शामिल था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस खुद इस व्यवस्था का हिस्सा रही है। अब वही पार्टी निष्पक्षता पर सवाल उठा रही है।