पीएम किसान की 23वीं किस्त, ( AI जेनरेटेड इमेज)  
बिज़नेस

PM Kisan 23rd Installment: किसानों के लिए खुशखबरी! खाते में जल्द आएंगे 2000 रुपये; किसे नहीं मिलेगा लाभ?

PM Kisan Samman Nidhi Installment: पीएम किसान सम्मान निधि योजना का आखिरी किस्त 13 मार्च 2026 को जारी किया गया था। असम के गुवाहाटी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना की 22वीं किस्त की जारी की थी।

मनोज आर्या

PM Kisan Samman Nidhi 23rd Installment Date: पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त का इंतजार कर रहे देश के करोड़ों किसानों के लिए एक ताजा अपडेट है। दरअसल, देश के कई हिस्सों में इस समय धान की रोपाई का काम शुरू हो चुका है। ऐसे में इस समय किसानों को पैसे की काफी आवश्यकता होती है। इस बीच सरकार के सूत्रों के हवाले से ऐसी खबर आ रही है कि जुलाई महीने की शुरुआत से मध्य के बीच किसानों के बैंक खाते में किस्त का पैसा भेजा जा सकता है। हालांकि, सरकारी की ओर से अधिकारिक तौर पर तारिख का ऐलान नहीं किया गया है।

बता दें कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना का आखिरी किस्त 13 मार्च 2026 को जारी किया गया था। असम के गुवाहाटी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना की 22वीं किस्त की जारी की थी। इस दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों के 9.32 करोड़ किसानों के खाते में कुल 18,640 करोड़ रुपये ट्रांसफर किया गया था। पीएम किसान सम्मान निधि के तहत देश के किसानों के बैंक खाते में अब तक 4.25 लाख करोड़ रुपये भेजे जा चुके हैं।

किन किसानों को नहीं मिलेगा लाभ?

पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ सिर्फ उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिन्होंने ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर ली है। ऐसे किसान, जो अब तक अपनी भूमि का रिकॉर्ड अपडेट नहीं कराए हैं, उनके बैंक खाते में पीएम किसान की अगली किस्त नहीं आएगी।

PM-Kisan e-KYC कैसे करें?

ऐसे किसान, जो इस योजना के लिए योग्य हैं लेकिन अभी तक अपना ई-केवाईसी नहीं कराए हैं। वो जल्द से जल्द ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर लें। ओटीपी आधारित, बायोमेट्रिक और फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए ई-केवाईसी करवाई जा सकती है। अगर ओटीपी के जरिए आप ई-केवाईसी करवाएंगे तो ध्यान रहें कि आपके पास पंजिकृत मोबाइल नंबर होना अनिवार्य है। इसके अलावा नजदीकी जन सुविधाक केंद्र पर जाकर भी किसान भाई आसानी से पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लिए ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।

लाभार्थी सूची में कैसे चेक करें नाम?

पीएम किसान सम्मान निधि की लाभार्थी सूची में आपका नाम शामिल हैं या नहीं, उसको भी आप घर बैठे चेक कर सकते हैं। उसके लिए आपको कुछ स्टेप का फॉलो करना होगा। आइए जानते हैं-

  • सबसे पहले https://pmkisan.gov.in/ पर जाएं।
  • इसके बाद Knoe Yout Status को चुनें।
  • अपना रजिस्ट्रेशन नंबर इंटर करें। इसके बाद कैप्चा कोड भरें और Get Date पर क्लिक करें। आपके सामने लाभार्थी सूची दिख जाएगी।

इसके बावजूद भी किसी किसान भाई को लाभार्थी सूची में अपना नाम नहीं दिख रहा, इसके अलावा और भी कोई समस्या है तो 155261 या फिर 011-243000606 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर मदद ले सकता है।

PM-Kisan के लिए आवेदन कैसे करें?

अगर, देश का कोई भी किसान अब तक किसान सम्मान निधि योजना के तहत खुद को रजिस्टर्ड नहीं किया है, और अब वह इस योजना में खुद को जोड़ना चाहता है तो आसानी से आवेदन कर सकता है। आइए स्टेप-बाय-स्टेप जानते हैं-

  • सबसे पहले https://pmkisan.gov.in/ पर जाएं।
  • इसके बाद New Farmer Registration पर क्लिक करें और अपना आधार नंबर और कैप्चा इंटर करें।
  • वेबसाइट पर मांगी गई सभी जानकारी सही-सही भरें। इसके बाद Yes पर क्लिक करें।
  • पीएम किसान फॉर्म में अपना विवरण। फिर इसको सेव कर लें। भविष्य के लिए प्रिंट आउट लेना ना भूलें।

पीएम किसान सम्मान निधि क्या है?

पीएम किसान सम्मान निधि केंद्र सरकार द्वारा चलाए जाने वाली एक सरकारी योजना है। इस स्कीम के तहत देश के पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये मिलते हैं, जो तीन अलग-अलग किस्तों में 2000 रुपये मिलते हैं। इस योजना का उद्देश्य देश के सभी भूमिधारक किसान परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। औपचारिक रूप से इस योजना की शुरुआत 24 फरवरी 2019 को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई थी।

इंस्टाग्राम के जरिए देश को बांटने की साजिश, ISIS के 9 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट में सनसनीखेज खुलासा

DUSU Election 2026: डूसू चुनाव का मतदान संपन्न, 20 उम्मीदवारों की किस्मत EVM में कैद; आज होगी मतगणना

Rahul Gandhi Indore: आज छात्रों की गूंज में युवाओं से राहुल गांधी का सीधा संवाद, शिक्षा-रोजगार पर होगी बात

अमेरिका को मिला भारत और चीन पर 100% टैरिफ लगाने का अधिकार, ट्रंप ने बिल पर दस्तखत कर दी मंजूरी

भारतीय सेना ने देश में ही क्यों चलाया था सैन्य अभियान? आजादी से जुड़े हैं तार, क्या है ऑपरेशन पोलो की कहानी