आम आदमी को बड़ा झटका, मई में 3.93% तक पहुंची खुदरा महंगाई; पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने बिगाड़ा खेल

Retail Inflation Rate: मई की महंगाई दर इस साल जनवरी में शुरू की गई रिवाइज्ड कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स सीरीज के तहत दर्ज की गई सबसे ऊंची दर है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का ज्यादा असर दिखा है।
retail inflation rate in may 2026
मई 2026 में खुदरा महंगाई दर, (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Retail Inflation Rate In May 2025: महंगाई के मोर्चे पर देश की आम जनता के लिए एक बड़ा झटका है। दरअसल, मई 2026 में खुदरा महंगाई में तेजी इजाफा हुआ है। शुक्रवार को सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, मई महीने में भारत की खुदरा महंगाई बढ़कर 3.93 प्रतिशत हो गई, जो अप्रैल में 3.49 प्रतिशत रिकॉर्ड की गई थी। खुदरा महंगाई दर में हुई बढ़ोतरी का मुख्य कारण खाने और ईंधन की बढ़ती कीमतें हैं। यह आंकड़ा भारतीय रिजर्व बैंक के मीडियम-टर्म महंगाई टारगेट के करीब रहा।

मई की महंगाई दर इस साल जनवरी में शुरू की गई रिवाइज्ड कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स सीरीज के तहत दर्ज की गई सबसे ऊंची दर है। नई सीरीज में कीमतों में बदलाव को मापने के लिए सामानों की एक अपडेटेड बास्केट और एक नए बेस ईयर का इस्तेमाल किया गया है।

खाने की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी जारी

खाने की महंगाई मई में भी बढ़ती रही। यह अप्रैल के 4.20% से बढ़कर 4.78% हो गई, जिससे पता चलता है कि खाने की चीजों की कीमतें एक महीने पहले की तुलना में तेजी से बढ़ रही हैं। यह बढ़ोतरी तब हुई है जब पिछले साल खाने-पीने की चीजों की महंगाई काफी कम रही थी।

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का असर

मीडिया ईस्ट में लंबे समय से जारी संकट के बीच पेट्रोल-डीजल की कीमतों ने भी महंगाई बढ़ाने में मदद की। सरकारी तेल कंपनियों ने मई में पेट्रोल-डीजल की कीमतें चार बार बढ़ाईं, जिससे ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ गया। इस वजह से मई में ट्रांसपोर्ट महंगाई बढ़कर 1.75% हो गई, जबकि अप्रैल में इसमें 0.01% की गिरावट आई थी। यह बढ़ोतरी फ्यूल की बढ़ी कीमतों का असर दिखाती है जो कंज्यूमर्स पर पड़ रहा है।

खुदरा महंगाई दर पर एक्सपर्ट की राय

कोटक महिंद्रा बैंक की चीफ इकोनॉमिस्ट उपासना भारद्वाज ने कहा कि 4% से कम हेडलाइन और कोर महंगाई जल्द ही आरामदायक ट्रेंड की ओर इशारा करती है। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और कमजोर होते रुपये पर रोक एक मददगार संकेत है। हम खराब मॉनसून के खाने-पीने की चीज़ों की महंगाई पर असर पर नजर रख रहे हैं। फिलहाल, हम अक्टूबर से 50 bps रेट बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे हैं।

RBI ने महंगाई का अनुमान बढ़ाया

कच्चे तेल की ज्यादा कीमतों और कमोजर मॉनसून की चिंताओं ने महंगाई की चिंता बढ़ा दी है। इसके जवाब में भारतीय रिजर्व बैंक ने मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के लिए महंगाई का अनुमान 4.6% से बढ़ाकर 5.1% कर दिया है। सेंट्रल बैंक ने रुपये और देश के करंट अकाउंट डेफिसिट के लिए भी रिस्क बताया है क्योंकि तेल की ज्यादा  कीमतों से इकोनॉमी पर दबाव बना हुआ है।