Car कि तकनीक। Source. Pixabay
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पुरानी कार को नई जैसी स्मार्ट बनाना है? बिना नई गाड़ी खरीदे इन तरीकों से बढ़ाएं फीचर्स

Car Technology Upgrades: आपकी पुरानी कार में आधुनिक फीचर्स जोड़े। जिससे कम पैसे लगाकर ही आपको एक शानदार और सुरक्षा कार मिल सकती है। साथ ही नई कार खरीदने की जरूरत नहीं है।

सिमरन सिंह

Highlight:

  • पुरानी कार को कुछ आसान तरीकों से नए जैसा बनाया जा सकता है।

  • इसके लिए 5 स्मार्ट बदलाव करने से बजट में कार को बदला जा सकता है।

  • पुरानी कार में टायर, ब्रेक, लाइट और जरूरी हिस्सों की स्थिति को नजरअंदाज न करें।

How To Make An Old Car Smart: नई कार खरीदना हर किसी के बजट में नहीं होता लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आपकी पुरानी कार में आधुनिक फीचर्स नहीं जोड़े जा सकते। आप कुछ सही अपग्रेड की मदद से अपनी पुरानी कार को ज्यादा सुविधाजनक, कनेक्टेड और सुरक्षित बना सकते हैं। ऐसे में पुरानी कार को स्मार्ट बनाने के लिए जरूरी नहीं कि आप गाड़ी में बड़े बदलाव कराएं या बहुत ज्यादा पैसा खर्च करें। इसके लिए पहले अपनी जरूरत पहचानें और फिर उसी हिसाब से फीचर्स चुनें।

1. स्मार्टफोन को बनाएं कार का स्मार्ट कंट्रोल सेंटर

पुरानी कार को आधुनिक बनाने का आसान तरीका स्मार्टफोन को बेहतर तरीके से इस्तेमाल करना है। अगर आपकी कार में टचस्क्रीन या इन-बिल्ट नेविगेशन नहीं है तो एक अच्छी क्वालिटी का फोन होल्डर लगाकर रास्ता देखने के लिए नेविगेशन ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है।

साथ ही म्यूजिक, कॉलिंग और ट्रैफिक की जानकारी के लिए भी स्मार्टफोन मददगार है। लेकिन फोन को ऐसी जगह लगाएं जहां से सड़क देखने में परेशानी न हो। ड्राइविंग के दौरान फोन हाथ में लेकर इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।

2. ब्लूटूथ और इंफोटेनमेंट सिस्टम से बढ़ाएं सुविधा

अगर आपकी कार में ब्लूटूथ कनेक्टिविटी नहीं है तो एक उपयुक्त ब्लूटूथ रिसीवर या कार ऑडियो सिस्टम अपग्रेड करने का विकल्प देख सकते हैं। इससे फोन से म्यूजिक चलाना और हैंड्स-फ्री कॉलिंग करना आसान हो सकता है।

वहीं कुछ कारों में आफ्टरमार्केट टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम भी लगाया जा सकता है। खरीदने से पहले डैशबोर्ड का आकार, वायरिंग और कार के मौजूदा सिस्टम के साथ उसकी अनुकूलता जरूर जांचें। केवल आकर्षक स्क्रीन देखकर फैसला न करें क्योंकि गलत इंस्टॉलेशन से इलेक्ट्रिकल समस्या हो सकती है।

3. रिवर्स कैमरा और पार्किंग सेंसर से करें पार्किंग आसान

अगर आपकी कार में रिवर्स कैमरा नहीं है तो आफ्टरमार्केट कैमरा या पार्किंग सेंसर लगवाने पर विचार कर सकते हैं। ये फीचर्स तंग जगहों पर गाड़ी पार्क करते समय पीछे की स्थिति समझने में मदद करते हैं। लेकिन कैमरा या सेंसर ड्राइवर की नजर का विकल्प नहीं हैं। खरीदने से पहले किसी भरोसेमंद कार एक्सेसरी विशेषज्ञ से फिटमेंट और वायरिंग की जांच करवाएं। यह भी देख लें कि डिवाइस बारिश, धूल और रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिहाज से उपयुक्त है या नहीं।

4. डैशकैम लगाकर रिकॉर्डिंग की सुविधा पाएं

डैशकैम सड़क पर होने वाली घटनाओं की वीडियो रिकॉर्डिंग कर सकता है। दुर्घटना या किसी विवाद की स्थिति में यह फुटेज उपयोगी साबित हो सकती है लेकिन इसका इस्तेमाल परिस्थितियों और लागू नियमों पर निर्भर करेगा।

डैशकैम चुनते समय वीडियो की गुणवत्ता, रात में रिकॉर्डिंग, स्टोरेज और गर्मी सहने की क्षमता पर ध्यान दें। इसे इस तरह लगवाएं कि विंडशील्ड से बाहर देखने में रुकावट न आए। खरीदने से पहले मेमोरी कार्ड और रिकॉर्डिंग से जुड़ी जरूरतें भी समझ लें।

5. सुरक्षा से समझौता किए बिना करें अपग्रेड

पुरानी कार को स्मार्ट बनाने के लिए टायर, ब्रेक, लाइट और अन्य जरूरी हिस्सों की स्थिति को नजरअंदाज न करें। आधुनिक गैजेट्स सुविधा बढ़ा सकते हैं लेकिन वे खराब ब्रेक या घिसे टायर की भरपाई नहीं करते।

किसी भी इलेक्ट्रॉनिक एक्सेसरी को लगवाने से पहले उसकी कार के साथ अनुकूलता और इंस्टॉलेशन की गुणवत्ता जांचना सही होता है। वहीं बहुत सस्ते, बिना भरोसेमंद जानकारी वाले उपकरण चुनने से बचें। खास तौर पर एयरबैग, ABS या अन्य जरूरी सुरक्षा प्रणालियों की वायरिंग में अनधिकृत बदलाव न कराएं।

इन सब का सीधा मतलब है कि पुरानी कार को आधुनिक बनाने का सबसे समझदारी भरा तरीका जरूरत के हिसाब से अपग्रेड करना है। पहले फोन होल्डर या ब्लूटूथ जैसे आसान विकल्पों पर विचार करें फिर बजट और कार की अनुकूलता के अनुसार कैमरा या इंफोटेनमेंट सिस्टम चुनें। इससे नई कार खरीदने का बड़ा खर्च किए बिना रोजमर्रा की ड्राइविंग को अधिक सुविधाजनक बनाया जा सकता है।

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