

Highlight:
ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नियमों को बदलने का प्रस्ताव दिया गया है।
लर्नर लाइसेंस के लिए सेफ-ड्राइविंग टेस्ट में अब 60% के बजाय 75% अंक लाने होगे।
लाइसेंस में बदलाव करने पर लाइसेंसिंग अथॉरिटी को 15 दिनों में जवाब देना होगा।
कुछ ऑनलाइन लाइसेंस सेवाओं पर फीस माफ करने का प्रस्ताव दिया गया है।
Driving Licence New Rules 2026: ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए सरकार ने नियमों में बदलाव का प्रस्ताव रखा है। बता दें कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के ड्राफ्ट में बाया गया है कि लर्नर लाइसेंस के लिए सेफ-ड्राइविंग टेस्ट में पास होने के लिए अब 60% के बजाय 75% अंक लाने पड़ सकते हैं। इसके अलावा लाइसेंस में नाम-पता बदलवाने की प्रक्रिया आसान बनाने और कुछ ऑनलाइन सेवाओं पर फीस खत्म करने का भी प्रस्ताव सामने आ रहा है। लेकिन यह जानना जरूरी है कि ये बदलाव अभी प्रस्तावित हैं लागू नियम नहीं।
प्रस्ताव में बताया गया है कि लर्नर लाइसेंस के आवेदकों को कम से कम 30 मिनट का ऑनलाइन सेफ-ड्राइविंग ट्यूटोरियल पूरा करना होगा। इसके बाद होने वाले टेस्ट में कम से कम 75% अंक हासिल करने होंगे। वहीं अभी के लिए निर्धारित ऑनलाइन टेस्ट में पास होने के लिए 60% सही जवाब जरूरी होते हैं।
वहीं इस बदलाव का उद्देश्य सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों की जानकारी बेहतर करना है। जिसका सीधा मतलब है कि नए ड्राइवरों को ट्रैफिक संकेतों और सुरक्षित ड्राइविंग से जुड़ी जानकारी पर अधिक ध्यान देना पड़ सकता है।
ड्राफ्ट में नया ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने और पुराने लाइसेंस के नवीनीकरण पर लैमिनेटेड या पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC) कार्ड देने का प्रस्ताव सामने आया है। जिसमें कार्ड Form 7 के निर्धारित प्रारूप में होगा। इसके अलावा पहचान, उम्र और पते के प्रमाण के लिए आधार कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी, ई-राशन कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेजों को शामिल करने का प्रस्ताव भी दिया गया है। साथ ही आवेदकों को आवेदन करते समय संबंधित सेवा के लिए स्वीकार्य दस्तावेजों की सूची जांचनी चाहिए जो उनके लिए आगे होने वाली परेशानी को खत्म करेंगा।
जानकारी में सामने आ रहा है कि अगर ड्राइविंग लाइसेंस में नाम या दूसरी व्यक्तिगत जानकारी बदलवानी है तो प्रस्ताव के तहत लाइसेंसिंग अथॉरिटी को 15 दिनों के भीतर आवेदन स्वीकार या खारिज करना होगा। वहीं आवेदन खारिज होने पर उसका कारण भी स्पष्ट रूप से बताना जाएगा जिससे दुबारा आवेदन करने में मदद मिले। वहीं पते में बदलाव के लिए भी अलग समय-सीमा का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। जिससे लोगों को आवेदन की स्थिति जानने और अनावश्यक देरी से बचने में मदद मिल सकती है।
इस बदलाव में मंत्रालय ने आधार वेरिफिकेशन के जरिए पूरी की जाने वाली कुछ ऑनलाइन लाइसेंस सेवाओं पर फीस माफ करने का प्रस्ताव दिया है। इसमें नाम और पता जैसी व्यक्तिगत जानकारी में बदलाव शामिल हैं। लेकिन इसे सभी लाइसेंस सेवाओं के लिए पूरी तरह मुफ्त सुविधा नहीं बताया जा रहा है।
साथ ही ड्राफ्ट पर आम लोगों और संबंधित पक्षों से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं। जिसमें फीडबैक की समीक्षा के बाद अंतिम नियम अधिसूचित किए जाएंगा। इसको देखते हुए तब तक के लिए आवेदकों को मौजूदा नियमों के अनुसार ही प्रक्रिया पूरी करनी होगी।