अब सिर्फ एयरबैग से नहीं मिलेगा 5-स्टार! 2027 से कार खरीदने से पहले जान लीजिए Bharat NCAP 2.0 के नए नियम

Bharat NCAP 2.0: देश में सड़क सुरक्षा को नई मजबूती देने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने Bharat NCAP 2.0 का ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
Now, airbags alone won't guarantee a 5-star rating! Before buying a car in 2027, be aware of the new Bharat NCAP 2.0 rules.
Car safety (Source. Freepik)
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Car Safety Rules India: देश में सड़क सुरक्षा को नई मजबूती देने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने Bharat NCAP 2.0 का ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसे AIS-197 Revision 1 नाम दिया गया है और इसे अक्टूबर 2027 से लागू करने की तैयारी है। अब तक भारत NCAP में कारों की सेफ्टी रेटिंग मुख्य रूप से एडल्ट और चाइल्ड ऑक्यूपेंट प्रोटेक्शन पर आधारित होती थी, लेकिन नए नियमों के साथ सेफ्टी का दायरा कहीं ज्यादा व्यापक हो गया है।

अब 5 कैटेगरी में होगी कार की सुरक्षा जांच

BNCAP 2.0 के तहत अब किसी भी कार को स्टार रेटिंग देने से पहले पांच अलग-अलग सेफ्टी कैटेगरी में उसका स्कोर जोड़ा जाएगा। इसका सीधा मतलब है कि अब सिर्फ मजबूत बॉडी या ज्यादा एयरबैग लगाकर 5-स्टार रेटिंग पाना आसान नहीं होगा। सरकार चाहती है कि हर गाड़ी की सुरक्षा को ज्यादा गहराई और पारदर्शिता के साथ आंका जाए।

पहले से ज्यादा सख्त होंगे क्रैश टेस्ट

नए नियमों में क्रैश टेस्ट का वेटेज 55 प्रतिशत रखा गया है, जो सबसे ज्यादा है। हालांकि, फर्क यह है कि अब ये टेस्ट पहले से कहीं ज्यादा कठिन और विस्तृत होंगे। BNCAP 2.0 में पांच अनिवार्य क्रैश टेस्ट शामिल किए जाएंगे, जिनमें कार के स्ट्रक्चर, टक्कर के बाद होने वाले असर और यात्रियों की सुरक्षा को बारीकी से परखा जाएगा। इससे कार कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म और बॉडी स्ट्रक्चर को और मजबूत बनाना ही पड़ेगा।

ADAS फीचर्स की अहमियत बढ़ी

अब कार की सेफ्टी सिर्फ शीट मेटल और एयरबैग तक सीमित नहीं रहेगी। नए नियमों में ADAS (Advanced Driver Assistance System) के लिए 10 प्रतिशत स्कोर तय किया गया है। इसमें ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग, लेन कीप असिस्ट और फ्रंट कोलिजन वॉर्निंग जैसे फीचर्स शामिल हैं, जिनका मकसद दुर्घटना होने से पहले ही खतरे को कम करना है।

पैदल यात्रियों और बाइक सवारों पर खास ध्यान

BNCAP 2.0 में पहली बार पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा को भी गंभीरता से जोड़ा गया है। कार के फ्रंट डिजाइन की टेस्टिंग की जाएगी ताकि टक्कर के वक्त सिर और पैरों पर कम चोट लगे। इसके साथ ही AEB सिस्टम में पैदल यात्रियों और बाइक की पहचान को भी स्कोर में शामिल किया जाएगा। इस कैटेगरी का वेटेज 20 प्रतिशत रखा गया है।

ग्राहकों को क्या फायदा मिलेगा?

Bharat NCAP 2.0 लागू होने के बाद भारत में कार सेफ्टी का स्तर पूरी तरह बदल जाएगा। नियम भले ही कंपनियों के लिए चुनौतीपूर्ण हों, लेकिन आम ग्राहकों को इससे ज्यादा सुरक्षित, भरोसेमंद और वैल्यू-फॉर-मनी कारें मिलेंगी।

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