

शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को लिखा पत्र।
संजय राउत ने 500 करोड़ रुपये के कथित लेनदेन मामले में जांच की मांग की।
मनोज जरांगे ने एकनाथ शिंदे पर लगाया है 500 करोड़ रुपये का आरोप।
Sanjay Raut letter Amit Shah On Manoj Jarange Patil 500 crore Allegation: शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल से जुड़ी 500 करोड़ रुपए के कथित लेनदेन और वायरल ऑडियो क्लिप मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। संजय राउत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जांच की मांग करते हुए कहा कि यह मामला प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के अंतर्गत आता है।
सांसद संजय राउत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र में लिखा, "आप इस बात से अच्छी तरह वाकिफ होंगे कि 20 अक्टूबर को मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने चौंकाने वाले आरोप लगाए और खुलासे किए। उनके अनुसार, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र में भाजपा की कोर टीम के वरिष्ठ नेताओं से 500 करोड़ रुपए लिए थे। यह रकम उनके बेटे और सांसद श्रीकांत शिंदे के जरिए मनोज जरांगे तक पहुंचाई जानी थी, लेकिन यह पैसा उन तक कभी नहीं पहुंचा।"
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद ने आरोप लगाते हुए कहा कि जरांगे पाटिल के खुलासों के मुताबिक, यह सब 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से ठीक पहले किया गया था, ताकि उन्हें चुप कराया जा सके और मराठा आरक्षण के लिए चल रहे उनके आंदोलन को खत्म किया जा सके।
संजय राउत ने लिखा कि मनोज जरांगे की ओर से एक ऑडियो क्लिप के रूप में किए गए ये खुलासे कई मायनों में बेहद गंभीर हैं। हालांकि, सबसे चौंकाने वाली और गंभीर बात 500 करोड़ रुपए की इतनी बड़ी रकम का इसमें शामिल होना है।
उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने कहा कि इसकी गहन जांच होनी चाहिए कि किसने किसे 500 करोड़ रुपए दिए और अगर यह पैसा जरांगे पाटिल तक नहीं पहुंचा, तो आखिर यह कहां गायब हो गया? इतनी बड़ी रकम कहां से आई और कहां चली गई? ऐसा लगता है कि यह मनी लॉन्ड्रिंग का एक स्पष्ट मामला है और इसकी जांच भी इसी तरह से की जानी चाहिए।
संजय राउत ने अमित शाह को लिखे पत्र में कहा कि इन सवालों के जवाब तुरंत मिलने चाहिए। इस मामले की पूरी जांच के लिए मेरा आपसे अनुरोध है कि आप महाराष्ट्र पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ED) को जल्द से जल्द जांच करने का निर्देश दें। साथ ही, सच्चाई को महाराष्ट्र और देश की जनता के सामने लाएं और इस घोटाले में शामिल लोगों को गिरफ्तार करें।
गृह मंत्री अमित शाह को लिखे पत्र में संजय राउत ने कहा कि आपके नेतृत्व में, ईडी भारत में मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों की जांच में सबसे आगे रही है। ईडी ने ऐसे मामलों की जांच करने के लिए अपनी एक पहचान बनाई है, जिनमें बहुत कम रकम शामिल होती है।
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद ने महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि मार्च 2021 में, मुंबई के तत्कालीन पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने आरोप लगाया था कि महाराष्ट्र के तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख ने उनसे हर महीने 100 करोड़ रुपए इकट्ठा करके उन्हें देने के लिए कहा था। यह परमबीर सिंह का सिर्फ एक आरोप था, जिसके समर्थन में कोई सबूत नहीं था। इसके बावजूद, ईडी ने बहुत तत्परता दिखाई और गृह मंत्री अनिल देशमुख को गिरफ्तार भी कर लिया।
उन्होंने कहा, "इसकी तुलना में, मनोज जरांगे पाटिल की ओर से किए गए खुलासे कहीं अधिक गंभीर हैं, क्योंकि उन्होंने एक ऑडियो क्लिप के रूप में सबूत दिए हैं और इसमें शामिल रकम भी बहुत बड़ी है।
संजय राउत ने लिखा कि इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए, मैं आपसे पुरजोर आग्रह करता हूं कि आप महाराष्ट्र पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ED) को 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (PMLA) के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दें। इससे यह पता लगाया जा सके कि BJP के किस व्यक्ति ने एकनाथ शिंदे को 500 करोड़ रुपये दिए, और चूंकि यह रकम मनोज जारांगे पाटिल तक नहीं पहुंची, तो आखिर यह पैसा कहां गया?
ऑडियो क्लिप से यह स्पष्ट है कि इस बड़े घोटाले में BJP के वरिष्ठ सदस्य और उनकी कोर टीम, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनके बेटे डॉ. श्रीकांत शिंदे शामिल हैं।
अमित शाह को लिखे पत्र में संजय राउत ने आगे लिखा कि मुझे यकीन है कि आप भी यह जानने के लिए उत्सुक होंगे कि इतनी बड़ी रकम आखिर कहां गायब हो गई। और चूंकि ये आरोप बहुत गंभीर हैं, इसलिए इस पैसे के स्रोत का पता लगाया जाना चाहिए और इस बड़े मनी लॉन्ड्रिंग घोटाले के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।