जिसके भरोसे रूस से लड़ रहे थे वही निकला गद्दार...करोड़ो के घोटाले से हिला यूक्रेन, जेलेंस्की परेशान

Russia Ukraine War: यूक्रेन में 100 मिलियन डॉलर के भ्रष्टाचार मामले में राष्ट्रपति जेलेंस्की के करीबी सहयोगी और मुख्य सचिव आंद्री यरमक के घर और कार्यालय पर भ्रष्टाचार रोधी एजेंसियों ने छापेमारी की।
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जेलेंस्की के करीबी अधिकारी के घर छापा (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Ukraine 100 million Dollar Corruption Case: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की तीन तरफा मुसीबतों का सामना कर रहे है। रूसी सेना ने अपने हमलों में इजाफा किया है, जिससे मासूम नागरिकों की मौत हो रही है। दूसरा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के साथ शांति समझौता के लिए एक पीस प्लान पेश किया है। जिससे स्वीकार करने के लिए अमेरिका उनपर दबाव बना रहा है। वहीं ताजा मामला 800 करोड़ के घोटाले से जुड़ा है। जिसने जेलेंस्की के सामने नई परेशानी खड़ी कर दी है।

यूक्रेन में हाल ही में लगभग 800 करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार के मामले का खुलासा हुआ है, जिसने वोलोडिमिर जेलेंस्की के साथ यूक्रेनी नेताओं की नींद उड़ी हुई है। जानकारी के अनुसार, देश के ऊर्जा क्षेत्र में हुए इस 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर के भ्रष्टाचार मामले में कई शीर्ष यूक्रेनी अधिकारियों के नाम सामने आए हैं। इनमें जेलेंस्की के करीबी सहयोगी आंद्री यरमक का भी नाम शामिल है।

जेलेंस्की के करीबी के घर छापा

यूक्रेन की भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसियों ने शुक्रवार को जेलेंस्की के मुख्य सचिव यरमक के घर और कार्यालय पर छापा मारा है। यह भी बताया गया है कि यरमक यूक्रेन के सबसे प्रभावशाली लोगों में से एक हैं और उन्होंने अमेरिका के साथ चल रही शांति वार्ताओं में अहम भूमिका निभाई है। जेलेंस्की के सहयोगी ने पुष्टि की है कि उनके अपार्टमेंट पर भी छापा पड़ा है। उन्होंने टेलीग्राम पर लिखा कि वे अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं और उनके वकील भी मौजूद हैं।

अधिकारियों ने जेलेंस्की के मुख्य स्टाफ के ठिकानों पर चलाए गए इस अभियान को जांच का हिस्सा बताया है, लेकिन यह नहीं बताया कि वे किन सबूतों की तलाश कर रहे हैं या सहयोगी पर सीधे कौन से आरोप हैं। जंग से त्रस्त यूक्रेन में इतने बड़े भ्रष्टाचार के खुलासे ने आम जनता का गुस्सा भड़का दिया है।

यूक्रेन को छोड़ना पड़ेगा क्रीमिया

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध समाप्त करवाने के लिए एक 20 सुत्रीय पीस प्लान पेश किया है। जिसके मुताबिक यूक्रेन भविष्य में कभी भी नाटो में शामिल नहीं होगा। हालांकि अमेरिका उसे सुरक्षा गारंटी देगा। इसके अलावा उसे क्रीमिया समेत देश लगभग 19 प्रतिशत हिस्से को रूस के हवाले करना पड़ेगा। जिसपर पहले से ही रूसी सेना का कब्जा है।

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