शी जिनपिंग, पीएम मोदी (फोटो- सोशल मीडिया)
Xi Jinping Secret Letter: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) बैठक में शामिल होने के लिए चीन जाने वाले है। इसी बीच ब्लूमबर्ग ने अपनी एक रिपोट में दावा किया है कि भारत और चीन के बीच अचानक आई गर्मजोशी के पीछे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की एक चिठ्ठी है। इसके बाद ही पीएम मोदी चीन के दौरे पर जाने को तैयार हुए।
रिपोर्ट में दावा किया है कि, इस साल जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दूसरी बार पद संभालने के बाद दुनियाभर के देशों पर टैरिफ लगाने का ऐलान किया और चीन पर भारी टैरिफ लगाया था तब शी जिनपिंग ने भारतीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को चिठ्ठी लिखकर संपर्क किया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, चिट्ठी में शी जिनपिंग ने भारत और अमेरिका के बीच बनने वाले संभावित समझौतों पर चिंता जताई। उनका मानना था कि यह समझौते चीन के लिए नुकसानदायक हो सकते थे। इसके बाद, जून में भारत ने चीन के साथ संबंधों को गंभीरता से लेना शुरू किया। तब ट्रंप भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव में मध्यस्थता करने की बात कर रहे थे, जो जम्मू-कश्मीर में हुए एक आतंकी हमले के बाद और बढ़ गया था। इसी समय ट्रंप ने भारत पर भी टैरिफ लगाने की धमकी दी थी।
इन घटनाओं के चलते भारत और चीन ने 2020 की सीमा झड़प के बाद रिश्तों को बेहतर करने की कोशिशें तेज कर दीं। दोनों देशों ने सीमा विवादों को सुलझाने के लिए फिर से बातचीत शुरू करने पर सहमति जताई।
भारत-चीन रिश्तों में सुधार अब दिखने लगा है। कुछ ही हफ्तों में दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें दोबारा शुरू होने वाली हैं। चीन ने भारत को यूरिया की सप्लाई पर लगी कुछ पाबंदियाँ हटा दी हैं और भारत ने भी लंबे समय बाद चीनी नागरिकों के लिए टूरिस्ट वीज़ा खोल दिया है।
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दिलचस्प बात यह है कि ये सारे बदलाव ट्रंप की टैरिफ नीति की वजह से हुए। जिसका मकसद चीन और भारत को आर्थिक तौर पर दबाव में लाना था। मार्च में जब ट्रंप ने चीनी सामान पर टैरिफ दोगुना कर दिए, तो चीन ने भारत से अमेरिका की ‘सत्ता की राजनीति’ का विरोध करने की अपील की। शी जिनपिंग ने तब कहा था कि “हाथी (भारत) और अजगर (चीन) को एक साथ मिलकर चलना ही सही रास्ता है।”