तुर्की में लगे भूकंप के जोरदार झटके (सोर्स-सोशल मीडिया)
Shallow Earthquake In Central Turkey: तुर्की के मध्य भाग में शुक्रवार की सुबह कयामत की दस्तक की तरह महसूस हुई, जब लोग गहरी नींद में सोए हुए थे। रिक्टर स्केल पर 5.5 की तीव्रता वाले इस भूकंप ने पल भर में सबको बुरी तरह दहला कर रख दिया है। टोकाट प्रांत के निक्सार कस्बे में आए इन झटकों ने लोगों की रातों की नींद पूरी तरह से छीन ली है। मध्य तुर्की में भूकंप की इस घटना ने एक बार फिर कुदरत के कहर को याद दिला दिया है।
सुबह के करीब 3:35 बजे थे जब अचानक जमीन कांपने लगी और खिड़कियों के शीशे बहुत ही बुरी तरह बजने लगे। लोग घबराहट में अपने मासूम बच्चों और बुजुर्गों को लेकर कड़ाके की ठंड के बीच घर से बाहर तेजी से भागने लगे। सड़कों पर खड़ी गाड़ियों में लोगों ने पनाह ली क्योंकि उन्हें डर था कि कहीं कोई बड़ा हादसा न हो जाए।
अंधेरे और ठंड के बावजूद लोग अपने अपार्टमेंट्स में वापस जाने की बिल्कुल भी हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, निक्सार के निवासियों ने पूरी रात सड़कों पर ही जागकर बिताने का कठिन फैसला किया। भूकंप की गहराई कम होने के कारण कंपन का अहसास बहुत डरावना था जिसने चारों तरफ खौफ पैदा कर दिया।
तुर्की की आपदा प्रबंधन एजेंसी AFAD के मुताबिक इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.5 दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह रही कि भूकंप का केंद्र जमीन से केवल 6.4 किलोमीटर नीचे स्थित पाया गया। गहराई कम होने की वजह से झटकों का असर काफी दूर तक और बहुत ही तेज महसूस किया गया है।
शुक्र है कि शुरुआती जांच में किसी इमारत के गिरने या किसी व्यक्ति के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में तुरंत अपनी बचाव टीमें रवाना कर दी हैं जो हर गली की निगरानी कर रही हैं। आसपास के प्रांतों में भी झटके महसूस किए गए जिससे सुबह के वक्त हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
यह भी पढ़ें: ईरान पर नजरें टिकाए रह गई दुनिया…इधर पाकिस्तान ने कंधार में बरपाया कहर, तालिबान ने खाई बदले की कसम- VIDEO
इस हल्के भूकंप ने लोगों के मन में फरवरी 2023 की उस काली और विनाशकारी त्रासदी की यादें ताजा कर दीं। उस समय आए 7.8 की तीव्रता वाले भूकंप ने करीब 53,000 से ज्यादा लोगों की कीमती जान ले ली थी। लाखों घर मलबे में तब्दील हो गए थे और आज भी वह मंजर सोचकर लोगों की रूह कांप जाती है।
यही वजह है कि प्रशासन की ओर से सुरक्षा का भरोसा मिलने के बाद भी लोग अभी काफी सहमे हुए हैं। बचाव दल फिलहाल टोकाट प्रांत के सुदूर ग्रामीण इलाकों में सर्वे कर रहे हैं ताकि नुकसान का सही आंकलन हो। प्रशासन ने सड़कों पर मौजूद लोगों के लिए गर्म कपड़े और भोजन का इंतजाम करना शुरू कर दिया है।