सांकेतिक तस्वीर
Pakistan Airstrikes Kandahar: रमजान के पवित्र महीने के अंतिम दिनों में अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। अफगानिस्तान का दावा है कि पाकिस्तान ने एक बार फिर अफगान संप्रभुता का उल्लंघन करते हुए काबुल, कंधार, पक्तिया और पक्तिका जैसे कई अहम क्षेत्रों में भीषण हवाई हमले किए हैं। पाकिस्तान के हमले से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।
जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान के विमानों ने कंधार हवाई अड्डे के पास स्थित ‘काम एयर’ नामक निजी एयरलाइन के फ्यूल डिपो को निशाना बनाया, जो न केवल सिविल विमानों, बल्कि संयुक्त राष्ट्र के विमानों को भी ईंधन प्रदान करता है। यह हमला उस समय हुआ जब ईरान-इजरायल युद्ध के कारण वैश्विक तेल संकट गहरा गया है, जिससे कई देशों की आपूर्ति प्रभावित हुई है।
अफगान अधिकारियों का कहना है कि इन हवाई हमलों का उद्देश्य रिहाइशी इलाकों को भी नुकसान पहुंचाना था, जिससे कई नागरिकों के घर तबाह हो गए हैं। इनमें महिलाओं और बच्चों की मौत का भी दावा किया गया है। कुछ अन्य क्षेत्रों में पाकिस्तानी विमानों ने खाली रेगिस्तानी इलाकों पर बमबारी की।
🚨 🇵🇰🇦🇫 BREAKING: Reports from Kabul residents and local media claim Pakistani fighter jets carried out strikes in Kabul, Kandahar, and Khost. ✈️ pic.twitter.com/554gxxCmCc — Nova Intel (@intel_nova) March 12, 2026
तालिबान सरकार ने इसे ‘क्रूर आक्रामकता’ करार दिया और कहा कि रमजान के अंतिम दिनों में, खासकर जब ईद का पर्व नजदीक हो, इस तरह के हमले मानवता के खिलाफ हैं और पाकिस्तान की नीयत पर सवाल उठाते हैं। तालिबान का कहना है कि पाकिस्तानी शासन किसी भी नैतिक या मानवीय सिद्धांत से नहीं बंधा हुआ है।
अफगान सरकार ने पाकिस्तान की इस ‘घिनौनी’ कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। अफगान प्रवक्ता ने कहा कि इस हमले का बदला बिना लिए नहीं छोड़ा जाएगा। पाकिस्तान के हमलों के बाद दोनों देशों के बीच जारी तनाव और बढ़ गया है। पिछले कुछ दिनों से अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच यह सैन्य संघर्ष किसी न किसी रूप में जारी है। पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना था कि इन हमलों का उद्देश्य तालिबान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना था।
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इसके जवाब में अफगान सेना ने भी एक कड़ा बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा कि उनकी प्रतिक्रिया में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और अफगान सेना ने पाकिस्तान की 19 सैन्य चौकियों पर कब्जा कर लिया। यह संघर्ष दोनों देशों के बीच एक लंबे समय से चल रहे तनाव का हिस्सा है, जो अभी भी अनसुलझा है और दोनों पक्षों के लिए गंभीर परिणामों का कारण बन सकता है।