युद्ध से तबाह होने वाली है दुनिया! मचेगा ऐसा हाहाकार की भूल जाओगे पहला-दूसरा विश्व युद्ध
World War News: एथोस सलोम को धरती का जीवित नास्त्रेदमस माना जाता है। 38 वर्षीय सलोम ने पहले ही कोविड-19 महामारी की सटीक भविष्यवाणी कर दी थी। अब उन्होंने तीसरे विश्व युद्ध को लेकर चेतावनी दी है।
- Written By: अमन उपाध्याय
सांकेतिक तस्वीर, फोटो ( सो. सोशल मीडिया )
नवभारत इंटरनेशनल डेस्क: दुनिया में तीसरा विश्वयुद्ध कभी भी छिड़ सकता है, क्योंकि इसके लिए परिस्थितियां तेजी से अनुकूल होती जा रही हैं और विश्व इसके कगार पर खड़ा है। प्रसिद्ध भविष्यवक्ता एथोस सलोम, जिन्हें ‘जीवित नास्त्रेदमस’ कहा जाता है, ने इस संबंध में चेतावनी जारी की है। ब्राजील के इस मनोवैज्ञानिक ने पहले ही कोविड-19 महामारी और रूस द्वारा यूक्रेन पर किए गए हमले की सटीक भविष्यवाणी कर अपनी भविष्यवाणी करने की क्षमता को साबित किया है। मिरर की एक रिपोर्ट के अनुसार, अब सलोम ने तीसरे विश्वयुद्ध की आशंका जताई है।
एक रिपोर्ट के अनुसार, सलोम ने विभिन्न घटनाओं में महाविनाश के संकेत देखे हैं, जो अंततः किसी बड़ी आपदा का रूप ले सकते हैं। उनका दावा है कि यह पारंपरिक युद्ध नहीं होगा, बल्कि हाईब्रिड युद्ध और तोड़फोड़ का संयोजन रहेगा। 38 वर्षीय इस भविष्यवक्ता ने लातविया और स्वीडन के बीच समुद्र की गहराई में बिछी ऑप्टिकल फाइबर केबल को हुए नुकसान का उल्लेख किया और कहा कि यह छोटी सी घटना किसी बड़ी काली शक्तियों की साजिश का संकेत हो सकती है।
पिछली घटनाओं की ओर इशारा
सलोम का मानना है कि हाल की वैश्विक घटनाएँ एक गंभीर भू-राजनीतिक प्रवृत्ति की ओर इशारा कर रही हैं। उनके अनुसार, दुनिया एक बड़े संकट की ओर बढ़ रही है, और उन्होंने लोगों से इन चेतावनी संकेतों पर ध्यान देने का आग्रह किया है। उन्होंने विभिन्न घटनाओं को आपस में जोड़कर यह निष्कर्ष निकाला कि ये सभी एक व्यापक रणनीतिक पैटर्न का हिस्सा हैं। सलोम ने यह भी कहा कि बाल्टिक सागर में एक अघोषित युद्ध चल रहा है। उन्होंने पिछली घटनाओं की ओर भी इशारा किया, जिनमें 2023 में फिनलैंड की संचार प्रणालियों को प्रभावित करने वाली केबल नेटवर्क विफलता भी शामिल है।
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चीन और अमेरिका के बीच टकराव
सलोम ने बताया कि इतिहास हमें दिखा चुका है कि बड़े युद्ध अक्सर अप्रत्याशित घटनाओं से भड़कते हैं। उदाहरण के लिए, प्रथम विश्वयुद्ध एक आर्कड्यूक की हत्या से शुरू हुआ था, जबकि द्वितीय विश्वयुद्ध पोलैंड पर आक्रमण के कारण शुरू हुआ। उन्होंने दक्षिणी चीन सागर में बढ़ते तनाव की ओर इशारा करते हुए अनुमान लगाया कि भविष्य में चीन और अमेरिका के बीच टकराव की संभावना बढ़ सकती है।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि हम अब हाइब्रिड युद्ध के दौर में हैं, जहां इंटरनेट केबल को नुकसान पहुंचाना किसी सैन्य हमले जितना गंभीर प्रभाव डाल सकता है। बाल्टिक क्षेत्र की हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने सवाल किया कि यदि इन्हें जानबूझकर की गई तोड़फोड़ माना जाए, तो वैश्विक शक्तियां कैसी प्रतिक्रिया देंगी? उन्होंने नाटो की संभावित प्रतिक्रिया और रूस की प्रतिक्रिया को लेकर चिंता जताई और पूछा कि यह बढ़ता तनाव हमें किस हद तक ले जा सकता है।
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भविष्यवक्ता ने चेतावनी दी कि ये गड़बड़ियां गंभीर खतरे का कारण बन सकती हैं। उन्होंने समुद्र में बिछी केबलों को आधुनिक संचार प्रणाली के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यदि ये संरचनाएं क्षतिग्रस्त होती हैं, तो डिजिटल संचार प्रभावित हो सकता है। इसका असर न केवल सैन्य क्षमताओं पर पड़ता है, बल्कि आर्थिक अस्थिरता भी बढ़ सकती है।
