खतरे में इजरायल की सदस्यता… OIC की नेतन्याहू के खिलाफ मीटिंग, एक हुए 57 इस्लामिक देश!
Israel Gaza War: 57 देशों वाले इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) ने इजरायल की संयुक्त राष्ट्र सदस्यता खत्म करने की मांग उठाई है। संगठन ने गाजा पर इजरायल के कब्जे और “ग्रेटर इजरायल” की नीति की कड़ी निंदा की।
- Written By: अमन उपाध्याय
OIC की नेतन्याहू के खिलाफ मीटिंग, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Israel Attack on Gaza: इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के विदेश मंत्री सऊदी अरब के जेद्दा में एक बैठक के लिए एकत्र हुए। बैठक में OIC के 57 सदस्य देशों ने इजरायल की संयुक्त राष्ट्र सदस्यता को रद्द करने की मांग की, यह कहते हुए कि इजरायल सदस्यता की शर्तों का उल्लंघन कर रहा है।
विदेश मंत्रियों ने गाजा पर इजरायल के कब्जे और पूर्ण सैन्य नियंत्रण की घोषणा की कड़ी निंदा की। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा की सुरक्षा परिषद से अगले सितंबर में विशेष सत्र बुलाने की अपील की।
अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन
OIC ने “ग्रेटर इजरायल” के विचार का भी विरोध किया और इसे उकसावे भरा तथा देशों की संप्रभुता पर हमला बताया। संगठन ने कहा कि ऐसे बयान अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन करते हैं और क्षेत्रीय तथा वैश्विक शांति के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं।
सम्बंधित ख़बरें
Troop withdrawal: ईरान युद्ध विवाद पर ट्रंप का NATO को बड़ा झटका! जर्मनी से बुलाएंगे 5000 सैनिक वापस
पाकिस्तान के बन्नू में पुलिस वैन पर रॉकेट हमला, 1 कांस्टेबल की मौत, 2 घायल; सीमावर्ती इलाकों में बढ़ा खौफ
Explainer: यूरोप में कहां और कितनी तैनात है अमेरिकी सेना? ट्रंप की धमकी से किन देशों पर पड़ेगा ज्यादा असर
ट्रंप ने फिर फोड़ा टैरिफ बम, यूरोपीय गाड़ियों पर लगेगा 25% भारी टैक्स, बचने का तरीका भी बताया
ट्रंप ने गाजा अस्पताल हमले की निंदा की
सोमवार को इजरायल ने गाजा में एक अस्पताल पर एयरस्ट्राइक की, जिसमें 5 पत्रकार समेत 20 लोग मारे गए। अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें इस घटना से कोई खुशी नहीं है। हमले के समय पत्रकार वहां कवरेज कर रहे थे और अस्पताल पर लगातार दो बार हमला हुआ।
इजरायल सेना ने स्वीकार की गलती
इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) की प्रवक्ता एफी डेफ्रिन ने कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी है और IDF कभी भी जानबूझकर नागरिकों को निशाना नहीं बनाता। हालांकि, इजरायल और हमास के बीच जारी संघर्ष में अब तक कई निर्दोष लोगों की मौत हो चुकी है। रिपोर्टों के अनुसार, इस हिंसक झड़प में अब तक 192 पत्रकारों की मौत दर्ज की जा चुकी है।
यह भी पढ़ें:- मिडिल ईस्ट की आग अब… ईरान पर भड़का ऑस्ट्रेलिया, राजदूत को निकाला बाहर; तनाव चरम पर
पत्रकारों की सुरक्षा समिति (CPJ) के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 22 महीनों में मारे गए पत्रकारों में 189 फिलिस्तीनी हैं, जो यह दर्शाता है कि संघर्ष का सबसे ज्यादा असर स्थानीय मीडिया पर पड़ा है।
नेतन्याहू ने घटना पर जताया खेद
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस घटना को दुखद बताया और माफी मांगी। उन्होंने कहा कि इजरायल पत्रकारों, स्वास्थ्यकर्मियों और नागरिकों के काम को सम्मान देता है। साथ ही, उन्होंने कहा कि सेना इस घटना की जांच कर रही है।
