सानाए ताकाइची, डोनाल्ड ट्रंप (सोर्स- सोशल मीडिया)
Trump Pearl Harbor Attack Comment: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान पर अमेरिका के गुप्त हमलों का बचाव करते हुए कहा कि कभी-कभी ज्यादा जानकारी देना सही नहीं होता और हमने ऐसा अपने दुश्मनों को चौकाने के लिए किया। ट्रंप ने यह बात व्हाइट हाउस में जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही।
जापान की प्रधानमंत्री से जब पूछा गया कि सहयोगी देशों को हमले की पहले जानकारी क्यों नहीं दी गई, तो ट्रंप ने कहा, “दुश्मन को चौंकाने के लिए यह रणनीति जरूरी थी। सरप्राइज के मामले में जापान से बेहतर कौन जानता है।” अमेरिकी राष्ट्रपति ने द्वितीय विश्व युद्ध में जापान द्वारा अमेकिरी नौसेना पैसिफिक फ्लीट पर किए हमले का जिक्र किया। हालांकि पर्ल हार्बर का जिक्र सुनते ही ताकाइची असहज हो गईं। उनकी मुस्कान गायब हो गई और वह पीछे की ओर झुक गईं।
दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान जापान एशिया में तेजी से फैल रहा था। 1940-41 तक उसने वियतनाम तक अपना कब्जा कर लिया। अमेरिका ने जापान की ताकत को रोकने के लिए तेल का निर्यात बंद कर दिया, जिससे जापान की सेना और अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई।
जापान ने इस चुनौती का जवाब पैसिफिक फ्लीट पर अचानक हमले से देने का फैसला किया। 7 दिसंबर 1941 को हवाई द्वीप के पर्ल हार्बर पर यह हमला किया गया। इसका उद्देश्य अमेरिका की नौसेना को एक ही झटके में नष्ट करना था। इस हमले में 2000 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई थी और इसी के बाद अमेरिका ने द्वितीय विश्व युद्ध में सक्रिय रूप से शामिल हुआ था।
जापान ने इस हमले की योजना महीनों पहले बनाई थी। छह एयरक्राफ्ट कैरियर और 350 से अधिक लड़ाकू विमानों को लंबी दूरी तय करने के लिए तैयार किया गया। पहला हमला सुबह 7:48 बजे शुरू हुआ और USS एरिज़ोना, ओक्लाहोमा और वेस्ट वर्जीनिया जैसे बड़े युद्धपोत डूब गए या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए। 1177 नाविक इस हमले में मारे गए।
दूसरी लहर सुबह 8:55 बजे हुई, जिसमें 171 विमानों ने अमेरिकी बची हुई नौसेना और ड्राई डॉक पर हमला किया। इस हमले में 188 अमेरिकी विमान नष्ट और 159 विमान क्षतिग्रस्त हुए। अधिकांश जापानी विमान सुरक्षित लौट आए, लेकिन 29 विमान हमले में नष्ट हो गए।
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पर्ल हार्बर हमला अमेरिका के इतिहास में एक चौंकाने वाला सरप्राइज अटैक था। इसी कारण ट्रंप ने इसे उदाहरण के रूप में उपयोग किया, जब उन्होंने ईरान पर अमेरिका की गुप्त सैन्य रणनीति की व्याख्या की।