एशिया में बढ़ा तनाव, जापान ने तैनात की खतरनाक मिसाइल, 1000 किमी दूर तक दुश्मन को कर सकती है तबाह

Japan Missile System: एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच, जापान अपनी सैन्य रणनीति में एक बड़ा बदलाव करता हुआ दिख रहा है। जापान ने पूर्वी चीन सागर के आसपास में शुरू कर रहा है।
Tensions Rise in Asia: Japan Deploys Lethal Missile Capable of Destroying Enemies Up to 1,000 km Away.
Japan (Source. X)
Published on
Updated on

Japan Defense Strategy: एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच, जापान अपनी सैन्य रणनीति में एक बड़ा बदलाव करता हुआ दिख रहा है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, जापान ने पूर्वी चीन सागर के आसपास के क्षेत्रों में अपने स्वदेशी रूप से विकसित ट्रक-माउंटेड एंटी-शिप मिसाइल सिस्टम तैनात करना शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि इस कदम से क्षेत्र में नई रणनीतिक हलचल पैदा हो सकती है और चीन की चिंताएँ बढ़ सकती हैं। विशेषज्ञ इस तैनाती को जापान की पारंपरिक रक्षात्मक सैन्य मुद्रा से हटकर एक नए रुख के संकेत के तौर पर देख रहे हैं।

क्या है Type-12 मिसाइल सिस्टम

इस आधुनिक मिसाइल सिस्टम को Type-12 Surface-to-Ship Missile के नाम से जाना जाता है। यह एक सतह-से-समुद्र मिसाइल है जिसे समुद्र में दुश्मन के जहाजों को निशाना बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है, और इसे एक विशेष ट्रक-माउंटेड लॉन्चर से लॉन्च किया जाता है। इसे जापान की जानी-मानी रक्षा कंपनी, Mitsubishi Heavy Industries ने विकसित किया था। बताया जाता है कि इसके मौजूदा संस्करण की मारक क्षमता लगभग 200 किलोमीटर है। असल में, इसे शुरू में जापान के तटीय क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए विकसित किया गया था। इसे पुराने Type-88 Surface-to-Ship Missile का एक उन्नत संस्करण माना जाता है।

आधुनिक तकनीक से लैस है मिसाइल

Type-12 मिसाइल में अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसमें इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम और GPS-आधारित गाइडेंस की सुविधा है, जिससे यह बेहद सटीक ढंग से अपने लक्ष्य तक पहुँच पाती है। इसके अलावा, यह एक उन्नत रडार सिस्टम और टेरेन-मैचिंग तकनीक से भी लैस है। ठीक इसी वजह से, नौसैनिक युद्ध में इसे एक अत्यंत प्रभावी हथियार माना जाता है।

1000 किमी रेंज वाली नई मिसाइल पर काम

रिपोर्ट्स के अनुसार, जापान इस समय Type-12 मिसाइल का एक और भी ज़्यादा एडवांस्ड वर्शन डेवलप कर रहा है, जिसकी मारक क्षमता लगभग 1,000 किलोमीटर हो सकती है। इस नए मॉडल की एक खास बात यह होगी कि इसे तीन अलग-अलग प्लेटफॉर्म से लॉन्च किया जा सकेगा: ज़मीन, जहाज़ और विमान। अगर यह योजना सफल होती है, तो यह मिसाइल न सिर्फ़ नौसेना के जहाज़ों को, बल्कि ज़मीन पर मौजूद लक्ष्यों को भी निशाना बनाने में सक्षम होगी। इससे जापान की सैन्य क्षमता में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

ताइवान स्ट्रेट तक पहुंच सकती है मिसाइल

रिपोर्ट्स के अनुसार, इन मिसाइलों को जापान के क्यूशू द्वीप के कुमामोटो क्षेत्र में तैनात किया जा रहा है। यदि इस नई लंबी दूरी की मिसाइल को तैनात किया जाता है, तो पूर्वी चीन सागर में मौजूद जहाज़ सीधे इसकी मारक सीमा के दायरे में आ सकते हैं।

इसके अलावा, इस नई मारक क्षमता के साथ, ताइवान जलडमरूमध्य का एक बड़ा हिस्सा भी इसकी पहुँच के भीतर आ सकता है। इसका तात्पर्य यह है कि यदि चीनी नौसेना ताइवान की ओर बढ़ती है, तो जापान को उसे दूर से ही रोकने की क्षमता प्राप्त हो जाएगी।

युद्ध के बाद की नीति में बड़ा बदलाव

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जापान ने अपनी सैन्य नीति को मुख्य रूप से आत्मरक्षा तक सीमित रखा था। लेकिन लंबी दूरी की नई मिसाइलों के विकास से जापान के पास प्री-एम्प्टिव या जवाबी हमला करने की क्षमता भी आ सकती है। इसी वजह से इसे जापान की सैन्य सोच में एक बड़ा रणनीतिक बदलाव माना जा रहा है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com