पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में चक्रवाती तूफान का कहर; 135km की रफ्तार से चली हवाएं, 70,000 घरों की बिजली गुल
Australia Storm Crisis: पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में आए भीषण तूफान ने भारी तबाही मचाई है। 135 किमी/घंटा की रफ्तार वाली हवाओं के कारण समेत 70,000 घरों की बिजली गुल हो गई।
- Written By: अमन उपाध्याय
पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में आया भीषण तूफान, फोटो ( सो. सोशल मीडिया)
Western Australia Storm Crisis News In Hindi: पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में भीषण तूफान और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। सोमवार सुबह तक राज्य के एक बड़े हिस्से में अंधेरा छाया रहा और बुनियादी ढांचे को बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग और बिजली कंपनियों के अनुसार, यह हाल के समय के सबसे गंभीर तूफानों में से एक है।
70,000 घरों की बत्ती गुल
बिजली वितरण कंपनी ‘वेस्टर्न पावर’ ने जानकारी दी है कि सोमवार सुबह तक पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में लगभग 70,000 उपभोक्ता बिना बिजली के रहने को मजबूर थे। इसमें पर्थ शहर और उसके आसपास के इलाके प्रमुख रूप से शामिल हैं। शनिवार और रविवार को चली विनाशकारी हवाओं ने बिजली की लाइनों को जड़ से उखाड़ दिया और कई फीडरों को नुकसान पहुंचाया। कंपनी के ऑपरेशनल मेंटेनेंस प्रमुख ब्रेट होविंग ने बताया कि उनके नेटवर्क पर लगभग 1,300 से अधिक घटनाएं दर्ज की गई हैं, जो इस आपदा की गंभीरता को दर्शाती हैं।
135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाएं
तूफान की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केप नैचुरलिस्ट में हवा के झोंकों की रफ्तार 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की गई, जो चक्रवात जैसी स्थिति के समान थी। दक्षिण और दक्षिण-पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के कई अन्य हिस्सों में भी 100 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की गति से हवाएं चलीं।
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इस उग्र मौसम के कारण पर्थ के तटीय इलाके ‘कॉटस्लो’ में एक अपार्टमेंट बिल्डिंग की छत हवा में उड़ गई। इसके अलावा, राज्य के विभिन्न हिस्सों से इमारतों को नुकसान पहुंचने और जलभराव की खबरें लगातार आ रही हैं। स्टेट इमरजेंसी सर्विस ने बताया कि सोमवार सुबह तक उन्हें नुकसान से जुड़ी लगभग 700 कॉल प्राप्त हुईं, जिनमें ज्यादातर शिकायतें छतों के उखड़ने, पेड़ों के गिरने और इमारतों को हुए नुकसान से संबंधित थीं।
राहत और बचाव कार्य जारी
भारी तबाही के बीच राहत की बात यह है कि अब तक किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं मिली है। शनिवार शाम को पर्थ के पश्चिमी उपनगर से लापता हुए एक 11 साल के लड़के को रविवार सुबह सुरक्षित बचा लिया गया, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
वेस्टर्न पावर के सैकड़ों कर्मचारी प्रभावित
इलाकों में बिजली बहाली के लिए चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम कर रहे हैं। कंपनी का लक्ष्य है कि सोमवार रात तक अधिकांश क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल कर दी जाए, हालांकि 1,300 से अधिक तकनीकी खराबी होने के कारण यह कार्य काफी बड़ा और कठिन बना हुआ है।
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प्रशासन की चेतावनी
अधिकारियों ने तटीय इलाकों के लोगों को घरों के भीतर रहने की सलाह दी है। सड़कों पर गिरे पेड़ों, बिजली के लटकते तारों और मलबे के कारण यातायात जोखिम भरा हो गया है। अग्निशमन और आपातकालीन सेवा विभाग ने विशेष रूप से वाहन चालकों से अपील की है कि वे सड़कों पर सावधानी से चलें और किसी भी बिजली के तार के करीब जाने से बचें। फिलहाल, पूरे पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में सफाई और मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर जारी है।
