वीपी राधाकृष्णन और अनुरा कुमारा दिसानायके, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

OCI कार्ड से लेकर छात्रवृत्ति तक... उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन की यात्रा से श्रीलंका में निवेश की नई राहें खुली

VP Radhakrishnan Sri Lanka Visit: भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन की पहली आधिकारिक श्रीलंका यात्रा के दौरान द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती मिली है। जहां कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं।

अमन उपाध्याय

VP Radhakrishnan Sri Lanka Visit OCI News: भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन की दो दिवसीय आधिकारिक श्रीलंका यात्रा ने दोनों देशों के बीच दशकों पुराने संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। यह किसी भी भारतीय उपराष्ट्रपति की श्रीलंका की पहली द्विपक्षीय यात्रा है, जिसे कूटनीतिक हलकों में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य 'नेबरहुड फर्स्ट' की नीति को और अधिक सुदृढ़ करना और भविष्य के लिए साझा विकास की रूपरेखा तैयार करना है।

राष्ट्रपति दिसानायके के साथ उच्च-स्तरीय वार्ता

अपनी यात्रा के पहले दिन, उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से मुलाकात की। इस बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल स्तर की विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें श्रीलंका के राष्ट्रपति ने भारत के साथ अपने देश के 'मजबूत सभ्यतागत संबंधों' को रेखांकित किया। दिसानायके ने विशेष रूप से 2022 के आर्थिक संकट और दिसंबर 2025 में आए विनाशकारी ‘दितवाह’ चक्रवात के दौरान भारत द्वारा दी गई समयबद्ध सहायता की सराहना की। उन्होंने कहा कि संकट के समय में भारत ने हमेशा 'पहले मददगार' की भूमिका निभाई है, जिससे दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और गहरा हुआ है।

बुनियादी ढांचे पर जोर

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बैठक के विवरण साझा करते हुए बताया कि दोनों देशों के बीच बंदरगाह, ऊर्जा, डिजिटल और कनेक्टिविटी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भारत के निवेश पर गहन चर्चा हुई। भारत ने ‘दितवाह’ चक्रवात के बाद श्रीलंका में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों में अपना सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई है। राष्ट्रपति दिसानायके ने श्रीलंका के तेजी से बढ़ते डिजिटल सेक्टर में भारत के अनुभव और तकनीकी कौशल का लाभ उठाने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने जोर दिया कि डिजिटल और आईटी क्षेत्र में साझेदारी से श्रीलंका के युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे।

मानवीय मुद्दे और शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी सौगात

उपराष्ट्रपति ने श्रीलंका सरकार द्वारा हाल ही में 47 भारतीय मछुआरों को रिहा किए जाने के फैसले का स्वागत किया और इसके लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस संवेदनशील मानवीय मुद्दे पर निरंतर संवाद बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। शिक्षा के क्षेत्र में भारत ने एक बड़ी घोषणा करते हुए ‘सीलोन एस्टेट वर्कर्स एजुकेशन ट्रस्ट’ (CEWET) छात्रवृत्ति योजना के दायरे को दोगुना कर दिया है। अब इस योजना के तहत लाभान्वित होने वाले मेधावी छात्रों की संख्या 350 से बढ़ाकर 700 कर दी गई है। इसके अलावा, उपराष्ट्रपति ने श्रीलंका के नेता प्रतिपक्ष से भी मुलाकात कर विभिन्न राजनीतिक विषयों पर चर्चा की।

भारतीय प्रवासियों के लिए ओसीआई कार्ड में रियायत

कोलंबो में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (ओसीआई) कार्ड प्राप्त करने की प्रक्रिया को सरल बनाने की घोषणा की। अब श्रीलंका में रहने वाले भारतीय मूल के लोग ओसीआई कार्ड के लिए स्थानीय सरकार द्वारा जारी दस्तावेजों का उपयोग कर सकेंगे। जिससे लंबे समय से चली आ रही प्रशासनिक जटिलताएं दूर होंगी। विदेश सचिव के अनुसार, यह यात्रा न केवल उच्च-स्तरीय संपर्कों को आगे बढ़ाती है, बल्कि सदियों पुराने 'लोग-से-लोग' संबंधों को भी एक नई दिशा प्रदान करती है।

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