नूर खान एयरबेस पर उतरे दो अमेरिकी कार्गो विमान, आखिर इस्लामाबाद में क्यों लगा 'लॉकडाउन'? जानें पूरा मामला

Islamabad High Alert: अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली दूसरे दौर की शांति वार्ता को लेकर इस्लामाबाद और रावलपिंडी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है और बड़े होटलों से मेहमानों को हटाया जा रहा है।
Two US Cargo Planes Land at Noor Khan Airbase: Why, Exactly, Was a 'Lockdown' Imposed in Islamabad? Get the Full Story.
पाकिस्तान के राजधानी में लगा मिनी लॉकडाउन, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Islamabad High Alert US Iran Talks: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद एक बार फिर कूटनीतिक केंद्र बनने जा रही है। संभावित दूसरे दौर की शांति वार्ता को लेकर शहर में रविवार से ही अचानक सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल और लॉकडाउन जैसे हालात पैदा हो गए हैं। हालांकि आधिकारिक तौर पर बैठक की तारीख की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जमीन पर चल रही तैयारियां किसी बड़े कूटनीतिक घटनाक्रम की ओर इशारा कर रही हैं।

रावलपिंडी में उतरे अमेरिकी विमान

सुरक्षा एजेंसियों में हलचल तब और बढ़ गई जब रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस पर दो अमेरिकी कार्गो विमान उतरे। जानकारों का मानना है कि इन विमानों में वीवीआईपी आगमन से पहले की जरूरी सामग्री और सुरक्षा उपकरण लाए जाते हैं। एक हाई-लेवल अमेरिकी डेलिगेशन की एडवांस सिक्योरिटी टीम पहले ही इस्लामाबाद पहुंच चुकी है।

ट्रंप के आने की संभावना

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि यदि समझौता साइन करने की स्थिति बनती है तो वे स्वयं इस्लामाबाद आ सकते हैं। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने रेड ज़ोन और एक्सटेंडेड रेड ज़ोन को पूरी तरह सील कर दिया है। इस्लामाबाद और रावलपिंडी में पब्लिक और भारी ट्रांसपोर्ट पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है, और यह प्रतिबंध 10 दिनों तक जारी रह सकते हैं।

खाली कराए गए बड़े होटल

सुरक्षा कारणों से इस्लामाबाद के प्रमुख लग्जरी होटलों जैसे सेरेना, मैरियट और मोवेनपिक ने नई बुकिंग लेना बंद कर दिया है। रविवार रात तक इन होटलों में ठहरे मेहमानों को भी दूसरे ठिकानों पर जाने का निर्देश दिया गया है। गौरतलब है कि पिछले दौर की वार्ता भी सेरेना होटल में ही आयोजित की गई थी।

मंगलवार तक हो सकती है 'महावार्ता'

12 अप्रैल को खत्म हुए पहले दौर की वार्ता के बाद यह दूसरा दौर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक मंगलवार तक हो सकती है। ईरान ने भी संकेत दिए हैं कि वे सीधे बातचीत के पक्ष में हैं ताकि किसी तीसरे पक्ष की वजह से गलतफहमियां पैदा न हों। फिलहाल पूरे पाकिस्तान में इस हाई-प्रोफाइल बैठक को लेकर सस्पेंस और सुरक्षा का घेरा बना हुआ है।

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