ईरान को ‘टोल’ दिया तो खैर नहीं: अमेरिका ने शिपिंग कंपनियों को दी कड़ी चेतावनी, होर्मुज में बढ़ा तनाव
US Warns Shipping Companies: होर्मुज से निकलने के लिए जो शिपिंग कंपनियां ईरान को टोल दे रही हैं उसको लेकर अमेरिका ने चेतावनी जारी की है। इसके बाद समुद्री उद्योग से जुड़े लोगों में टेंशन बढ़ गई है।
- Written By: अमन उपाध्याय
डोनाल्ड ट्रप, AI मॉडिफाइड फोटो
US Warns Shipping Companies Iran Tolls: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच ट्रंप प्रशासन ने समुद्री व्यापार को लेकर एक कड़ा रुख अपनाया है। अमेरिका के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने दुनिया भर की शिपिंग कंपनियों को चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यदि वे होर्मुज से निकलने के लिए ईरान को किसी भी प्रकार का भुगतान करती हैं तो उन्हें भारी अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा।
शिपिंग कंपनियों के लिए बड़ा जोखिम
OFAC के द्वारा जारी अलर्ट के अनुसार, अमेरिकी नागरिकों और कंपनियों पर ईरानी सरकारी संस्थाओं को भुगतान करने पर पूरी तरह से रोक लगा रखा है। इसके साथ ही, गैर-अमेरिकी व्यक्ति और कंपनियां भी यदि ईरान को भुगतान करती हैं तो उन पर प्रतिबंध लगने का खतरा है। समुद्री उद्योग से जुड़े उन सभी लोगों पर जोखिम बढ़ गया है जिनके जहाज ईरानी बंदरगाहों पर जाते हैं क्योंकि वे ईरान के शिपिंग और पोर्ट सेक्टर को निशाना बनाने वाले कई अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में आ सकते हैं।
ट्रंप ने ठुकराया ईरान का प्रस्ताव
यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान जंग को खत्म करने के लिए नए प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। ट्रंप के इस बयान से साफ है कि दोनों पक्षों के बीच बना गतिरोध फिलहाल जल्द खत्म होने वाला नहीं है। अमेरिका ने साफ-साफ कहा है कि वह इस युद्ध को तब तक समाप्त नहीं करेगा जब तक कि कोई ऐसा समझौता नहीं हो जाता जो ईरान को परमाणु हथियार बनाने से स्थायी रूप से रोक सके।
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होर्मुज में टोल टैक्स की वसूली
वहीं, दूसरी ओर ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण है। हालांकि 8 अप्रैल से दोनों देशों के बीच युद्धविराम लागू है लेकिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण और परमाणु प्रोजेक्ट को लेकर विवाद गहराया हुआ है। पिछले महीने ईरान के उप-सभामह हामिदरेजा हाजी बाबेई ने दावा किया था कि ईरान को होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर लगाए गए ‘टोल’ से पहला राजस्व मिल चुका है जिसे केंद्रीय बैंक में जमा कर दिया गया है।
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हर प्रकार के भुगतान पर अमेरिका की नजर
वहीं, अमेरिकी अधिकारियों ने बताया है कि वे ईरान को होने वाले भुगतान के हर माध्यम पर नजर रख रहे हैं। इसमें न केवल नकद, बल्कि डिजिटल संपत्ति, ऑफसेट, अनौपचारिक अदला-बदली या ईरानी दूतावासों के माध्यम से किए गए भुगतान भी शामिल हैं। OFAC ने कहा है कि वह ईरान की कमाई के सभी बड़े रास्तों जैसे कि तेल और उससे जुड़े केमिकल के व्यापार पर कड़े प्रतिबंध लगाना जारी रखेगी ताकि ईरान की आर्थिक ताकत को कम किया जा सके।
