ईरान सीमा पर बड़ी हलचल, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
Middle East News In Hindi: मध्य पूर्व में बदल रहे सुरक्षा समीकरण मध्य पूर्व के अशांत क्षेत्रों में एक बार फिर बड़ी हलचल देखी जा रही है। अमेरिका ने सीरिया के उत्तर-पूर्वी इलाकों से इस्लामिक स्टेट से जुड़े करीब 7,000 संदिग्ध आतंकियों को इराक भेजने की एक व्यापक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
विशेष बात यह है कि ये आतंकी इराक की उस सीमा के पास भेजे जा रहे हैं जो आगे चलकर ईरान से जुड़ती है। इस कदम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह निर्णय हाल ही में हुई जेलब्रेक (जेल से भागने की घटना) के बाद लिया गया है। सीरिया में सुरक्षा हालात तेजी से बदल रहे हैं। अब तक इन जेलों की सुरक्षा अमेरिका समर्थित कुर्द बलों (SDF) के पास थी लेकिन जैसे-जैसे सीरियाई सरकारी सेना उत्तर-पूर्वी इलाकों में आगे बढ़ रही है SDF कई मोर्चों से पीछे हट रही है। अमेरिका को डर है कि यदि ये आतंकी जेलों से भागने में सफल रहे तो क्षेत्र में एक बार फिर से अस्थिरता फैल सकती है।
अमेरिकी सेना ने पुष्टि की है कि स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। हसाका स्थित डिटेंशन सेंटर से 150 ISIS संदिग्धों की पहली खेप को इराक के सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया गया है। इराकी सरकार और वहां की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने इस कदम को अपनी मंजूरी दे दी है। इन कैदियों में वे आतंकी शामिल हैं जिन्होंने निर्दोष इराकी नागरिकों की हत्या की थी।
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भले ही 2017 में इराक और 2019 में सीरिया में ISIS को शिकस्त मिल गई थी, लेकिन संगठन के ‘स्लीपर सेल’ आज भी सक्रिय हैं। अमेरिका का स्पष्ट कहना है कि यह कदम ISIS के दोबारा संगठित होने को रोकने के लिए आवश्यक है। अल-होल कैंप जैसे क्षेत्रों में जहां ISIS लड़ाकों के परिवार रहते हैं वहां भी नियंत्रण के बदलते समीकरण चिंता का विषय बने हुए हैं। अमेरिका किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं लेना चाहता, क्योंकि इन आतंकियों का छूटना न केवल इराक और सीरिया, बल्कि ईरान की सीमा तक सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है।