Vikram Misri in Iran Embassy (IMAGE SOURCE- IANS)
Foreign Secretary In Iran Embassy: ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत के बाद भारत में विरोध प्रदर्शन तेजी से बढ़ गए थे। केंद्र सरकार से सवाल पूछा जा रहा था कि आखिर उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता की मौत पर अपनी संवेदनाएं क्यों नहीं व्यकत की। इन्हीं सवालों के बीच भारत ने आज ईरान के प्रति अपने रुख को साफ दिखाया।
विदेश सचिव विक्रम मिसरी आज ईरानी दूतावास पहुंचे जहां पर उन्होंने अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर शोक व्यक्त किया साथ ही उन्होंने कंडोलेंस रजिस्टर पर हस्ताक्षर भी किए।
ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई के निधन के बाद नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने एक दिन पहले ही कंडोलेंस बुक रखने का ऐलान किया था, जिससे लोग आकर अपनी संवेदनाएं दर्ज कर सकें। इसी के चलते भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिसरी दूतावास पहुंचे और श्रद्धांजलि पुस्तिका में हस्ताक्षर कर शोक व्यक्त किया। दूतावास ने भारतीय नागरिकों, राजनयिकों और अन्य हमदर्द लोगों से भी शोक बुक पर साइन कर संवेदनाएं प्रकट करने की अपील की ।
अयातुल्ला अली खामेनेई की 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका के संयुक्त सैन्य हमले में मौत हो गई थी। ईरानी मीडिया ने इसकी पुष्टि करते हुए 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया है। इस घटना के बाद मध्य पूर्व में तनाव और भी ज्यादा बढ़ गया है। साथ ही तेहरान ने कई अमेरिकी ठिकानों और खाड़ी देशों पर हमले किए, जबकि अजरबैजान पर ड्रोन हमलों के बाद कूटनीतिक तनाव और बढ़ गया।
हमले में अली खामेनेई के करीबी परिजनों के भी मारे जाने की खबर आई थी, जिसमें उनकी बहू, बेटी, और नाती का नाम शामिल था। हमले में घायल खामेनेई की पत्नी की इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
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मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने दोनों देशों से शांती बनाए रखने और संयम बरतने की अपील की। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपनी गंभीर चिंता साझा करते हुए तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों का रास्ता चुनने का संदेश दिया था।
एजेंसी इनपुट के साथ