
टिकटॉक पर तकनीकी दिक्कतें (सोर्स-सोशल मीडिया)
TikTok Technical Issues After Deal: लोकप्रिय सोशल मीडिया ऐप टिकटॉक इन दिनों एक नई वजह से चर्चा में है जो इसके दुनिया भर के करोड़ों यूजर्स के लिए गहरी चिंता का विषय बन गई है। अमेरिका के साथ हुई ऐतिहासिक डील के तुरंत बाद इस सोशल प्लेटफॉर्म पर तकनीकी दिक्कतें के कई गंभीर मामले सामने आए हैं। रविवार 25 जनवरी 2026 को दुनियाभर के हजारों यूजर्स ने ऐप में दोबारा लॉगिन करने और नए वीडियो पोस्ट करने में कई प्रकार की तकनीकी समस्याओं का सामना किया। सोशल मीडिया पर शिकायतों की बाढ़ आ गई है जिससे अब यह बड़ा सवाल उठने लगा है कि क्या यह गड़बड़ी किसी बहुत बड़े अंदरूनी बदलाव का संकेत है।
डाउनडिटेक्टर के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार रविवार तड़के करीब 4 बजे टिकटॉक की वैश्विक सर्विस में आई यह तकनीकी खराबी अपने सबसे चरम स्तर पर थी। उस विशिष्ट समय पर लगभग 36,000 से ज्यादा एक्टिव यूजर्स ने ऐप के साथ हो रही विभिन्न प्रकार की गंभीर तकनीकी समस्याओं की लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हालांकि दिन चढ़ने के साथ इन शिकायतों की संख्या में कुछ कमी आई लेकिन दोपहर तक भी हजारों नियमित यूजर्स ऐप के इस्तेमाल में परेशान नजर आए।
आंकड़ों के मुताबिक करीब 65 प्रतिशत शिकायतें सीधे तौर पर ऐप के फंक्शन से जुड़ी थीं जिससे यूजर्स का दैनिक वीडियो देखने का अनुभव पूरी तरह प्रभावित हुआ। लगभग 22 प्रतिशत यूजर्स ने पूर्ण आउटेज की बात कही जबकि 23 प्रतिशत लोगों ने अपनी फीड के सही तरीके से काम न करने की शिकायत दर्ज की। कई लोगों का यह भी दावा था कि उन्हें बार-बार वही पुराने वीडियो दिख रहे हैं जो वे पहले ही देख चुके थे और फीड पहले जैसी क्यूरेटेड नहीं रही।
तकनीकी गड़बड़ी का असर इतना गहरा था कि टिकटॉक का आधिकारिक हेल्प सेंटर भी कई महत्वपूर्ण कार्यों के लिए ठीक से काम नहीं कर रहा था। हेल्प सेंटर खोलने पर स्क्रीन पर “समथिंग वेंट रॉन्ग” का मैसेज दिखाई दे रहा था जिससे अपनी शिकायत दर्ज करने की कोशिश कर रहे लोगों की चिंता बढ़ गई। यहां तक कि कानूनी जानकारी और नई प्राइवेसी पॉलिसी से जुड़े वेब पेजों को खोलने की कोशिश करने पर भी यूजर्स को लगातार एरर मैसेज ही मिले।
गौरतलब है कि 22 जनवरी को बाइटडांस ने टिकटॉक को एक अमेरिकी-बहुल जॉइंट वेंचर के रूप में स्थापित करने की एक बड़ी डील को पूरी तरह फाइनल किया था। इस नए समझौते के तहत अब टिकटॉक में अमेरिकी और ग्लोबल निवेशकों की कुल हिस्सेदारी बढ़कर 80.1 प्रतिशत हो गई है जो एक ऐतिहासिक बदलाव है। बाइटडांस के पास अब इस कंपनी की केवल 19.9 प्रतिशत हिस्सेदारी शेष रह गई है जिससे अमेरिका में इस ऐप पर लगने वाला प्रतिबंध फिलहाल टल गया है।
इसी डील के साथ टिकटॉक ने साल 2026 के लिए अपनी बिल्कुल नई टर्म्स ऑफ सर्विस और प्राइवेसी पॉलिसी को वैश्विक स्तर पर लागू करने की घोषणा की है। नई शर्तों के मुताबिक अब 13 साल से कम उम्र के यूजर्स पर सख्त निगरानी रखी जाएगी और लोकेशन ट्रैकिंग से जुड़े नियमों को और मजबूत किया गया है। कंपनी ने अब तक यह आधिकारिक तौर पर स्पष्ट नहीं किया है कि इस तकनीकी खराबी का कोई सीधा संबंध नई डील या इन नई शर्तों से है या नहीं।
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यूजर्स के बीच अब यह चर्चा आम हो गई है कि क्या टिकटॉक के स्वामित्व में हुए इस बदलाव के कारण उसके वैश्विक सर्वर और डेटाबेस प्रभावित हुए हैं। तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि डेटा माइग्रेशन या सिस्टम को नए नियमों के अनुसार अपडेट करने के दौरान ऐसी गड़बड़ी होना तकनीकी रूप से संभव है। फिलहाल करोड़ों यूजर्स ऐप के सामान्य होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं ताकि वे पहले की तरह अपनी पसंदीदा वीडियो फीड का आनंद ले सकें।






