समंदर में टकराएंगी दो महाशक्ति? US ने दी चीन को बड़ी धमकी, कहा- ईरान से एक बूंद तेल भी नहीं जाएगा बीजिंग
US-China Conflict: अमेरिका ने चीन को चेतावनी दी है कि अब ईरान से एक बूंद तेल भी बीजिंग नहीं पहुंचेगा। होर्मुज में नाकेबंदी और सख्त पाबंदियों से वैश्विक ऊर्जा बाजार में खलबली मच गई है।
- Written By: अक्षय साहू
ईरान से तेल खरीदने को लेकर अमेरिका ने चीन को धमकी दी (सोर्स- सोशस मीडिया)
US Threatens China Over Iranian Oil: अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में पहले दौर की शांति वार्ता विफल रही। इसके चलते पूरी दुनिया के सामने ऊर्जा संकट जस का तस बना हुआ है। इसी बीच अमेरिका ने चीन (China) को कड़ी चेतावनी दी है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने साफ कहा है कि अब चीन को ईरान से “एक बूंद” भी तेल नहीं लेने दिया जाएगा।
उन्होंने संकेत दिया कि ईरान से चीन (China) जाने वाली तेल आपूर्ति को प्रभावी रूप से रोकने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। बेसेंट ने कहा कि अब तेहरान से बीजिंग की ओर जाने वाले तेल और गैस के जहाजों को रोका जाएगा।
अमेरिका ने की ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर दबाव बढ़ाया है और कथित तौर पर नाकेबंदी जैसी सख्त कार्रवाई की है। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि अमेरिकी चेतावनी के बावजूद ईरान से निकले कुछ जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार करने में सफल रहे हैं। इसके बावजूद अमेरिका का दावा है कि आगे कोई भी जहाज इस मार्ग से बाहर नहीं निकल पाएगा।
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आईएमएफ और विश्व बैंक की बैठक के दौरान पत्रकारों से बातचीत में बेसेंट ने दोहराया कि अब चीनी टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा, “वे जहाज अब बाहर नहीं निकल पाएंगे और अपना तेल नहीं ले जा सकेंगे।” उनके अनुसार, चीन को अब ईरान से तेल खरीदने की अपनी पुरानी व्यवस्था छोड़नी पड़ेगी और उसे अन्य स्रोतों की तलाश करनी होगी।
ईरान को आर्थिक रूप से कमजोर करना लक्ष्य
अमेरिका का यह कदम ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप पहले ही चीन पर ईरान को सैन्य सहायता देने के आरोप लगा चुके हैं। अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि यदि ईरान तेल बेचता रहा, तो उसकी अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रहेगी और इससे क्षेत्रीय संतुलन प्रभावित होगा। इसलिए अमेरिका ईरान की आय के प्रमुख स्रोत को सीमित करना चाहता है।
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रूस ने दिया मदद का भरोसा
इस बीच रूस ने चीन (China) को भरोसा दिलाया है कि वह उसकी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा। ऐसे में वैश्विक तेल बाजार पर भी असर पड़ने की संभावना है, क्योंकि चीन को अब सऊदी अरब और रूस जैसे अन्य आपूर्तिकर्ताओं की ओर रुख करना पड़ सकता है, जिससे कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
