सुपर टाइफून सिनलाकू (सोर्स-सोशल मीडिया)
Northern Mariana Islands Typhoon Sinlaku Damage: सुपर टाइफून सिनलाकू (Typhoon Sinlaku) ने प्रशांत महासागर में मौजूद अमेरिका के दूरस्थ द्वीपों पर भयंकर तबाही मचाई है। इस विनाशकारी तूफान के कारण उत्तरी मारियाना द्वीप समूह में तूफ़ान से हुआ नुकसान का भयानक दृश्य देखने को मिला है। लगातार हो रही भारी बारिश और तेज हवाओं ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। हजारों लोगों को अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
इस सुपर Typhoon Sinlaku के दौरान हवाओं की रफ्तार 240 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई थी। इन तेज हवाओं ने सैपान और टिनियन द्वीपों पर भारी विनाश किया है। तूफान के कारण कई घरों की टिन की छतें उड़ गईं और पेड़ उखड़ गए।
सैपान में रहने वाले ग्लेन हंटर ने बताया कि लकड़ी और टिन से बना कोई भी घर नहीं बच सका। उन्होंने अपनी आंखों के सामने कई घरों की छतों को उड़ते हुए देखा। बारिश का पानी हर तरफ से उनके कंक्रीट के घर में घुस रहा था।
इस साल के सबसे शक्तिशाली उष्णकटिबंधीय तूफान ने अमेरिकी क्षेत्र गुआम में भी अचानक बाढ़ ला दी। गुआम में अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं और वहां लगभग 1,70,000 लोग निवास करते हैं। मौसम विभाग के अनुसार यह तूफान द्वीपों पर कैटेगरी 4 के रूप में टकराया था।
सैपान के मेयर रामोन आरबी जोस ब्लास कामाचो ने इस स्थिति को बेहद मुश्किल और चुनौतीपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि उड़ती हुई चीजों के बीच लोगों को बचाना एक बहुत बड़ा काम है। हालात इतने खराब हैं कि हर तरफ तबाही के खौफनाक मंजर दिखाई दे रहे हैं।
Typhoon Sinlaku तूफान की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुआम और मारियाना द्वीपों के लिए आपातकाल घोषित किया। इस घोषणा के बाद फेडरल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी ने अपने 100 कर्मचारियों को वहां भेजा है। ये कर्मचारी अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर प्रभावित इलाकों में लोगों की मदद कर रहे हैं।
इससे पहले साल 2023 में टाइफून मावर ने भी इन द्वीपों पर भारी नुकसान पहुंचाया था। प्रशांत महासागर के पश्चिमी हिस्से में इस तरह के भयंकर तूफानों का आना आम बात है। एक्क्यूवेदर के विशेषज्ञ जेसन निकोल्स ने बताया कि अप्रैल में ऐसा तूफान आना थोड़ा असामान्य जरूर है।
मौसम वैज्ञानिक लैंडन एडलेट ने चेतावनी दी है कि लोगों के लिए हालात जल्द सामान्य नहीं होंगे। हालांकि तूफान के आने वाले कुछ दिनों में थोड़ा कमजोर पड़ने की उम्मीद जताई गई है। फिर भी प्रभावित द्वीपों की अर्थव्यवस्था और जनजीवन को उबरने में काफी लंबा समय लग सकता है।