ट्रंप की नाकेबंदी नाकाम! एक-दो नहीं 5 ब्लैकलिस्टेड जहाजों ने पार किया होर्मुज स्ट्रेट, देखती रह गई अमेरिकी फौज

US-Iran Tension: डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद Hormuz Strait की नाकेबंदी शुरू तो हुई, लेकिन सैटेलाइट डेटा ने पोल खोल दी है। अमेरिकी पाबंदी के बावजूद कई ब्लैकलिस्टेड जहाज ईरान से बेखौफ निकल रहे हैं।
US Hormuz Strait Blockade Failed
होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी नाकेबंदी के बावजूद जहाजों का आवागमन जारी (सोर्स- सोशल मीडिया)
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US Hormuz Strait Blockade Failed: पाकिस्तान में ईरान के साथ वार्ता बेनतीजा रहने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को ब्लॉक करने का ऐलान किया। उनके आदेश के बाद अमेरिकी नौसेना ने ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों की नाकेबंदी शुरू कर दी, जो सोमवार से लागू बताई गई। हालांकि जमीनी हकीकत में यह नाकेबंदी पूरी तरह प्रभावी नहीं दिख रही है।

समुद्री ट्रैकिंग डाटा के मुताबिक, नाकेबंदी के बावजूद ईरान से जुड़े कई जहाज इस जलडमरूमध्य से गुजरने में सफल रहे। अमेरिकी नौसेना ने पहले ही साफ किया था कि किसी भी जहाज को ईरानी बंदरगाह में प्रवेश या वहां से निकलने की अनुमति नहीं दी जाएगी, लेकिन इसके बावजूद कम से कम पांच जहाजों ने इस प्रतिबंध को दरकिनार कर दिया। इनमें तीन ऐसे टैंकर भी शामिल थे, जिन पर पहले अमेरिका ईरानी तेल व्यापार के कारण प्रतिबंध लगा चुका है।

कई ब्लैकलिस्टेड जहाजों ने होर्मुज किया पार

रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में कपलर, एलएसईजी और मैरीन ट्रैफिक जैसे प्लेटफॉर्म्स के डाटा का हवाला देते हुए बताया गया है कि कई ब्लैकलिस्टेड जहाज बिना रोक-टोक के होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz)से गुजरते देखे गए। उदाहरण के तौर पर, पनामा का झंडा लगा ‘पीस गल्फ’ नाम का टैंकर यूएई के हमरिया बंदरगाह की ओर बढ़ा, जो ईरानी नेफ्था को अन्य एशियाई बाजारों तक पहुंचाने में इस्तेमाल होता है। इस बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का दावा है कि नाकेबंदी को 10,000 से ज्यादा सैन्यकर्मियों, कई युद्धपोतों और विमानों की मदद से लागू किया जा रहा है। उनके अनुसार शुरुआती 24 घंटों में कुछ जहाजों को वापस लौटने के लिए मजबूर भी किया गया।

रूसी और चीनी जहाजों ने तोड़ी नाकेबंदी

कपलर के डाटा के अनुसार, ‘मुरलीकिशन’ नाम का टैंकर, जो पहले रूसी और ईरानी तेल ढो चुका है, इराक की ओर बढ़ता हुआ नजर आया। इसी तरह लाइबेरिया का झंडा लगा ‘एल्पिस’ टैंकर भी ईरान के बुशेहर बंदरगाह से निकलकर जलडमरूमध्य पार कर गया, जबकि यह अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में है। चीन से जुड़ा ‘रिच स्टारी’ टैंकर भी बिना किसी रोक के होर्मुज से गुजरा। यह जहाज 2.5 लाख बैरल मेथनॉल लेकर जा रहा था और इसे ईरान के साथ व्यापार के कारण अमेरिका ने पहले ही ब्लैकलिस्ट कर रखा है।

अमेरिकी पूरी तरह नाकेबंदी में नाकाम

इन टैंकरों के अलावा ‘क्रिश्चियाना’ नाम का एक बल्क कैरियर भी, जिसने ईरान के बंदर इमाम खुमैनी बंदरगाह पर ठहराव किया था, नाकेबंदी के बाद जलडमरूमध्य पार करता देखा गया।

रिपोर्ट्स में यह साफ नहीं है कि ये जहाज अमेरिकी निगरानी से कैसे बच निकले, लेकिन इतना जरूर है कि नाकेबंदी के बावजूद समुद्री आवाजाही पूरी तरह नहीं रुकी। इससे अमेरिकी नौसेना की सख्ती और उसकी प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं

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