Iran US तनाव में चीन की सीधी एंट्री: होर्मुज नाकेबंदी पर अमेरिका को दी कड़ी चेतावनी
Strait Of Hormuz: Iran US के बीच बढ़ते तनाव में अब चीन ने भी सीधी एंट्री ले ली है। चीन ने होर्मुज की नाकेबंदी को लेकर अमेरिका को सख्त चेतावनी दी है और कहा है कि वह किसी की गुंडागर्दी नहीं सहेगा।
- Written By: प्रिया सिंह
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (सोर्स- सोशल मीडिया)
Global Economic Conflict Risk: ईरान और अमेरिका (Iran US) के बीच चल रहे भारी तनाव के बीच अब चीन ने भी इस मामले में अपना सीधा दखल दे दिया है। चीन ने पहली बार होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी को लेकर अमेरिका को एक बहुत ही सख्त चेतावनी जारी की है। इस बढ़ते हुए वैश्विक आर्थिक संघर्ष का जोखिम ने पूरी दुनिया की चिंताओं को बहुत अधिक बढ़ा दिया है। चीन ने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी हाल में अपनी द्विपक्षीय व्यापारिक साझेदारी में किसी तीसरे देश का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं करेगा।
चीन की सख्त चेतावनी
चीन के रक्षा मंत्री डॉन्ग जुन ने US को साफ शब्दों में कह दिया है कि दादागीरी बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य चीन के व्यापार के लिए खुला रहना चाहिए और इसमें कोई बाधा नहीं आनी चाहिए। अगर इस जलमार्ग पर कोई रुकावट डाली गई तो चीन अपनी सुरक्षा के लिए बेहद उचित और कड़े कदम उठाएगा।
अमेरिकी रवैया खतरनाक
चीनी विदेश मंत्रालय ने होर्मुज की नाकेबंदी को लेकर US के वर्तमान रवैये को बहुत ही गैर-जिम्मेदाराना करार दिया है। मंत्रालय ने यह भी साफ किया है कि ऐसी नाकेबंदी से पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर एक बहुत ही गंभीर असर पड़ सकता है। चीन हर कीमत पर इस व्यापारिक जलमार्ग को सुरक्षित और पूरी तरह से खुला रखना चाहता है।
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ट्रंप की बड़ी धमकी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में धमकी दी थी कि अगर चीन ईरान को हथियार देता है तो अंजाम बुरा होगा। ट्रंप ने साफ कहा था कि ऐसी स्थिति में चीन से आने वाले सभी सामानों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा। इस बड़ी आर्थिक धमकी के बाद भी चीन ने अपने कदम पीछे खींचने से पूरी तरह से साफ इनकार कर दिया है।
चीन का कड़ा जवाब
अमेरिकी धमकी के बाद चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग ने एक नया और बहुत ही सख्त आदेश जारी कर दिया है। इस नए आदेश के मुताबिक अगर कोई भी देश अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करेगा तो चीन भी कड़ा जवाबी कदम उठाएगा। राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी बिना नाम लिए कहा कि चीन कभी भी किसी के सामने झुकने वाला देश नहीं है।
यूएई को भी संदेश
चीन ने अमेरिका के साथ-साथ संयुक्त अरब अमीरात को भी अपनी विदेश नीति के बारे में स्पष्ट संदेश दे दिया है। यूएई के क्राउन प्रिंस के दौरे के समय जब उन्होंने ईरान से संबंधों पर आपत्ति जताई तो जिनपिंग ने उन्हें करारा जवाब दिया। जिनपिंग ने साफ कहा कि यूएई दोस्त है लेकिन वह चीन के अन्य देशों के साथ कूटनीतिक संबंधों को तय नहीं कर सकता।
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अरब देशों से व्यापार
चीन का अरब देशों के साथ सालाना व्यापार करीब 400 अरब डॉलर का है जो उसकी अर्थव्यवस्था के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। चीन को अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए सऊदी अरब, ईरान और यूएई से भारी मात्रा में तेल की आपूर्ति होती है। इसके अलावा कतर से भी एलएनजी और अन्य उत्पादों की सप्लाई होती है इसलिए चीन मिडिल ईस्ट में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है।
