

IRGC Attack US Base Kuwait Closed Airspace: मिडिल ईस्ट में स्थिति अब नियंत्रण से बाहर होती दिख रही है,अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनी के बाद, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भीषण ड्रोन और मिसाइल हमलों का दावा किया है। ईरानी सेना के अनुसार, इन हमलों में अमेरिका की कम से कम 18 प्रमुख सैन्य संपत्तियां पूरी तरह तबाह हो गई हैं।
ईरानी हमलों और क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच कुवैत के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने अपने एयरस्पेस को अस्थायी रूप से बंद करने की घोषणा की है। इस फैसले के बाद कुवैत आने वाली सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को डायवर्ट किया है।
IRGC की एरोस्पेस फोर्स और नेवी ने गुरुवार तड़के कुवैत में स्थित अली अल सलेम और अहमद अल-जाबेर एयर बेस पर ड्रोन के जरिए आत्मघाती हमले किए। इसके साथ ही बहरीन में मौजूद शेख ईसा एयरबेस को भी निशाना बनाया गया, जहां अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट के पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम के कम्युनिकेशन एंटीना और रडार इंस्टॉलेशन को भारी नुकसान पहुंचने की खबर है। जॉर्डन के अल-अजराक और मुवाफ्फाक सल्ती एयर बेस पर भी जोरदार धमाके सुने गए हैं, जिनका उपयोग अमेरिकी सेना अपने क्षेत्रीय अभियानों के लिए करती रही है।
इस सैन्य टकराव का सबसे बड़ा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था की जीवन रेखा माने जाने वाले 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' पर पड़ा है। ईरान ने आधिकारिक तौर पर ऐलान किया है कि होर्मुज स्ट्रेट को 'अगले आदेश तक' पूरी तरह बंद कर दिया गया है। IRGC ने चेतावनी दी है कि इस मार्ग से गुजरने वाले सभी जहाज और तेल टैंकर उनके निशाने पर हैं।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि ईरान ने शांति समझौते के लिए बहुत समय बर्बाद कर दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट चेतावनी दी, 'हम उन पर बहुत जोरदार हमला करेंगे। हमने उन्हें कल मारा था और आज फिर मारेंगे।' वहीं, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी बताया है कि समझौते का मौका ठुकराने के बाद अब ईरान के ऊर्जा केंद्रों और अहम ठिकानों पर बमबारी की जाएगी।