
US पर लगा सोनिक वेपन इस्तेमाल करने का आरोप (सोर्स- सोशल मीडिया)
US Sonic Weapons: वेनेजुएला में एक अमेरिकी रेड के दौरान कथित तौर पर एक नई और शक्तिशाली हथियार तकनीक का इस्तेमाल किया गया, जिसने दुनिया का ध्यान आकर्षित किया। एक चश्मदीद के मुताबिक, इस ऑपरेशन के दौरान अमेरिकी सैनिकों ने एक ऐसा तकनीकी उपकरण इस्तेमाल किया, जिसने वेनेजुएला के सुरक्षा बलों को बुरी तरह प्रभावित किया।
चश्मदीद के मुताबिक, सैनिकों ने दावा किया कि अचानक उनके सभी रडार सिस्टम काम करना बंद कर गए, और फिर ड्रोन की एक बड़ी संख्या इलाके में दिखाई दी। एक गार्ड ने कहा, “हम पर हमला किया गया, और हमें समझ में नहीं आ रहा था कि क्या हो रहा है।”
इस ऑपरेशन में अमेरिकी सैनिकों की संख्या बहुत कम थी, लेकिन उनकी टेक्नोलॉजी अत्यधिक उन्नत थी। रिपोर्टों के मुताबिक, सिर्फ़ आठ हेलीकॉप्टर और 20 सैनिकों की छोटी सी यूनिट ने वेनेजुएला की पूरी सुरक्षा तंत्र को हराया। गार्ड ने कहा कि अमेरिकी सैनिकों की सटीकता और फायरपावर अद्वितीय थी, और वे हर मिनट में 300 राउंड फायर कर रहे थे।
इसके बाद, एक रहस्यमयी डिवाइस के इस्तेमाल की बात की गई, जिसके कारण गार्ड्स ने एक अजीब सी स्थिति महसूस की। उन्होंने कहा कि एक तेज ध्वनि जैसे वेव्स से उनकी स्थिति बिगड़ गई। कुछ सैनिकों को खून की उल्टियां हुईं, जबकि कुछ की नाक से खून बहने लगा, और वे हिल भी नहीं पा रहे थे। इस घटना के बाद गार्ड्स को विश्वास था कि यह कोई सोनिक हथियार था।
व्हाइट हाउस ने इस घटना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की, और यह भी स्पष्ट नहीं है कि किसी की मौत इस हथियार के कारण हुई या नहीं। कुछ सैन्य विशेषज्ञों ने इसे “डायरेक्टेड एनर्जी वेपन” (DEW) बताया, जो माइक्रोवेव या लेजर जैसी ऊर्जा का उपयोग करके लक्ष्य को नष्ट करते हैं। यह तकनीक कई दशकों से विकसित हो रही है और इसमें जलन, दर्द, और खून बहने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
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इससे पहले चीन पर लद्दाख सीमा विवाद में माइक्रोवेव हथियारों का आरोप लगाया गया था, लेकिन बीजिंग ने इन दावों का खंडन किया था। इस रेड के बाद, वेनेजुएला के गार्ड्स ने कहा कि इसने न केवल वेनेजुएला, बल्कि पूरे लैटिन अमेरिका में तनाव बढ़ा दिया है। वेनेजुएला के अधिकारी इस घटना को चेतावनी मानते हैं, और मानते हैं कि इससे अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में बड़ा बदलाव आ सकता है।






