ट्रंप ने मांगी दुनिया से मदद, पर खुद के जहाज भेजे मलेशिया; जानें क्या है इस ‘खौफ’ के पीछे की वजह
US Iran War: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच, अमेरिकी नौसेना ने अपने दो अहम माइंस हंटर जहाजों को मिडिल ईस्ट से हटाकर 3,500 मील दूर मलेशिया भेज दिया है, जिससे सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं।
- Written By: अमन उपाध्याय
अमेरिका ने मिडिल ईस्ट से माइन शिप हटाए, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
US Removes Mine Ships Middle East: मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध की आहट के बीच एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। एक ओर जहां ईरान ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में हजारों की संख्या में विस्फोटक माइंस बिछा रखी हैं, वहीं दूसरी ओर अमेरिकी नौसेना ने अपने तीन में से दो सबसे आधुनिक ‘माइंस हंटर’ जहाजों को इस क्षेत्र से हटा लिया है।
मिडिल ईस्ट से 3,500 मील दूर देखे गए अमेरिकी जहाज
अमेरिकी नौसेना के इन जहाजों की हरकत ने सुरक्षा विशेषज्ञों के बीच हलचल मचा दी है। आमतौर पर बहरीन में तैनात रहने वाले यूएसएस टुल्सा और यूएसएस सांता बरबरा को हाल ही में मलेशिया के पेनांग राज्य के नॉर्थ बटरवर्थ कंटेनर टर्मिनल पर देखा गया है। यह स्थान उनके बहरीन स्थित बेस से लगभग 3,500 मील दूर है। ये दोनों जहाज अमेरिकी नौसेना के ‘फिफ्थ फ्लीट’ का हिस्सा हैं, जिनका मुख्य कार्य समुद्री मार्गों को माइंस से सुरक्षित रखना है।
होर्मुज स्ट्रेट में ईरान की ‘विस्फोटक’ बिसात
सुरक्षा एजेंसियों का अनुमान है कि 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका की सैन्य कार्रवाई शुरू होने के बाद से ईरान ने जवाबी कार्रवाई के रूप में होर्मुज स्ट्रेट में 5,000 से अधिक माइंस बिछा दी हैं। इस कारण यह महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग पिछले दो हफ्तों से लगभग बंद पड़ा है। हाल ही में अमेरिका ने माइंस बिछाने वाली ईरान की 16 छोटी नावों को नष्ट करने का दावा भी किया था, लेकिन समुद्र के भीतर छिपे इन विस्फोटकों का खतरा अभी भी बरकरार है।
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पीछे हटने की वजह पर पेंटागन की चुप्पी
अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इन जहाजों को एशिया की ओर क्यों भेजा गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड और इंडो-पैसिफिक कमांड ने इस संवेदनशील मामले पर कोई भी सीधा जवाब देने से इनकार कर दिया है। विशेषज्ञ इस कदम के पीछे कई तर्क दे रहे हैं। कुछ का मानना है कि ‘इंडिपेंडेंस क्लास’ के इन जहाजों की तकनीक अभी तक वास्तविक युद्ध की परिस्थितियों में पूरी तरह खरी नहीं उतरी है। वहीं, कुछ विशेषज्ञों के अनुसार, इन जहाजों का बड़ा आकार माइंस वाले संकीर्ण समुद्र में इन्हें चलाने के लिए जोखिम भरा हो सकता है।
तीसरा जहाज अभी भी मोर्चे पर तैनात
वर्तमान में अमेरिका का केवल एक जहाज ‘यूएसएस कैनबरा’ अरब की खाड़ी के पास तैनात है। इससे पहले अमेरिका के पास पुराने ‘एवेंजर क्लास’ के चार जहाज थे, जिन्हें पिछले साल ही सेवा से हटाया गया था। अब नए जहाजों के मोर्चे से हटने के बाद इस समुद्री रास्ते को खोलने की जिम्मेदारी और कठिन हो गई है।
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वैश्विक शक्तियों से मदद की गुहार
होर्मुज स्ट्रेट को फिर से शुरू करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन जैसे देशों से मदद मांगी है। हालांकि, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने फिलहाल अपनी सेना भेजने से मना कर दिया है, जबकि ब्रिटेन ने माइंस हटाने वाले अत्याधुनिक ड्रोन भेजने की इच्छा जताई है।
