

वाशिंगटन डीसी: आतंकी गतविधियों और आतंकियों को संरक्षण देने को लेकर दुनियाभर में पाकिस्तानी की किरकिरी हो रही है। अमेरिकी दौरे पर गए पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल से 70 वर्षीय डेमोक्रेट सांसद ब्रैड शेरमन ने मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने आतंकी संगठन- जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ एक्शन लेने पर जोर देते हुए कहा कि अमेरिकी पत्रकार पर्ल का परिवार अब भी उनके जिले- कैलिफोर्निया में रह रहा है। पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान अमेरिकी सासंद ब्रैड शेरमन ने कहा कि पाकिस्तान में रह रहे अल्पसंख्यकों की सुरक्षा एक बड़ी चिंता का विषय है। पाकिस्तान में रहने वाले धार्मिक अल्पसंख्यक ईसाइ, हिंदु और अहमदिया मुसलमानों को बिना किसी हिंसा, उत्पीड़न और भेदभाव अपने धर्मों का पालन करने की इजाजत दी जानी चाहिए।
बता दें कि पाकिस्तानी सांसद बिलावल भुट्टो के अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल अमेरिका दौरे पर है। इस दौरान उन्होंने डेमोक्रेट सांसद शेरमन से मिले। इस दौरान अमेरिकी सांसद ने बिलावल भुट्टो से आतंकवाद को लेकर बेबाकी से अपनी बात रखी। ब्रैड शेरमन ने पाकिस्तानी नेता और सांसद बिलावल भुट्टो से साफ शब्दों में कहा कि पाकिस्तान को 'घृणित' आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ सख्त एक्शन लेनी चाहिए, ताकी दहशतगर्दों का यह संगठन का सफाया किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तानी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए हरसंभव कोशिश की जानी चाहिए।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए ब्रैड शेरमन ने पाकिस्तानी जनप्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की जानकारी दी। अपने पोस्ट में उन्होंने साल 2002 में पाकिस्तान में हुए अमेरिकी नागरिक डेनियल पर्ल की हत्या का भी जिक्र किया। जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों ने 2002 में अमेरिकी नागरिक व पत्रकार डेनियल पर्ल की कराची में हत्या कर दी थी। आतंकवादी उमर सईद शेख को 2002 में ही पर्ल के अपहरण और हत्या की साजिश रचने का दोषी ठहराया गया था। गौर करने की बात यह है कि बिलावल भुट्टो का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब भारत से कांग्रेस सांसद शशि थरूर की अगुवाई वाला सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भी अमेरिका दौरे पर था।
इस मुलाकात के दौरान अमेरिकी सांसद ने पाकिस्तानी डॉक्टर शकील अफरीदी की रिहाई का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि डॉ. अफरीदी को रिहा करना 9/11 के पीड़ितों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। बता दें कि ओसामा बिन लादेन को 2011 में मार गिराने में अमेरिका की मदद करने के दोषी ठहराए गए डॉ अफरीदी जेल में बंद हैं। 2012 में पाकिस्तानी अदालत ने अफरीदी को 33 साल की जेल की सजा सुनाई थी। पाकिस्तान का कहना है कि अफरीदी ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में पोलियो टीकाकरण कार्यक्रम चलाने में अमेरिकी खुफिया एजेंसी- (सीआईए) की मदद की। इसका मकसद लादेन के परिवार के डीएनए सैंपल लेना था।